Gopal Tiwari Congress pune

    पुणे. जब से पुणे (Pune) में मेट्रो (Metro) का परीक्षण सफल हुआ है तब से, भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (बीजेपी), जिसका परियोजना से कोई लेना-देना नहीं है,  यहां तक कि जो लोग इस परियोजना में दिक्कते लाते थे,  उन्होंने भी क्रेडिट (Credit) लेना शुरू कर दिया है। दरअसल, ‘पुणे मेट्रो’ (Pune Metro) की मूल अवधारणा तत्कालीन कांग्रेस सांसद सुरेश कलमाड़ी द्वारा प्रस्तावित की गई थी। और इसे यूपीए सरकार के दौरान यूपीए सरकार (UPA Government) द्वारा अनुमोदित किया गया था। अब ‘महाराष्ट्र की आघाडी गवर्नमेंट’ (Aghadi Government of Maharashtra) इस पर काम कर रही है, इसकी परिणति इसी में है। इसलिए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता गोपाल तिवारी (Spokesperson Gopal Tiwari) ने कहा है कि ‘पुणे मेट्रो’ कांग्रेस की सफलता की कहानी है।

    यूपीए सरकार ने दी थी मंजूरी

    इस संबंध में जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान पुणे मेट्रो को मंजूरी दी गई थी। गोपाल तिवारी ने यह भी याद दिलाया कि दिवंगत राजीव गांधी की प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर  तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान ने अपने ही कार्यक्रम में तीसरी बार मेट्रो का काम जल्द शुरू करने की सार्वजनिक मांग की थी। लेकिन  इसमें 4 साल की देरी हुई।क्योंकि मोदी सरकार ने पुणे से पहले नागपुर मेट्रो लाई। देरी होने के कारण इस परियोजना की लागत कम से कम ढ़ाई से तीन हजार करोड़ रुपये तक बढ़ गई। तब से लेकर आज तक उन्होंने मेट्रो परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली धनराशि में पचास प्रतिशत की कमी कर दी है। इन असफलताओं के बावजूद, परियोजना को पूरा करने के लिए राज्य सरकार के ठोस प्रयासों में परियोजना की परिणति हुई और मेट्रो का पहला ड्रीम ट्रायल रन साकार हुआ।

    दरअसल, कलमाड़ी के समय में जब ‘पुणे मेट्रो’ का विचार रखा गया था, तो इस परियोजना को ‘मध्य पुणे में असंभव’ के रूप में बमबारी कर दिया गया था। जिसे केवल कुछ भाजपा नेताओं ने बाधित किया था। तिवारी ने यह भी कहा कि पुणे में नागरिकों का एक समूह था जिसने मेट्रो परियोजना का विरोध किया था, जिसका भाजपा में भी कुछ लोगों ने समर्थन किया था। लेकिन अब वही लोग क्रेडिट लेने आगे आए है।