सड़क किनारे झुके धोखादायक पेड़ों को हटाने की मांग

  • खड़की स्टेशन से पार्क रोड के बीच अनेक वृक्षों से धोखा

पिंपरी. खड़की स्टेशन (Khadki Station) से सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (Savitribai Phule University of Pune) की ओर जाने वाले पार्क रोड पर अनेक विशालकाय वृक्ष हैं। इन वृक्षों की डालियां सड़कों पर झुकी होने के कारण दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इसके साथ ही इन वृक्षों के धराशाई होने के खतरे को भी नकारा नहीं जा सकता।

इस बारे में समय समय पर मनपा और खड़की कन्टोन्मेंट बोर्ड (Khadki Containment Board) को आगाह किया गया है, लेकिन दोनों ही प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। छावा मराठा संगठन की ओर से दोनों प्रशासन को एक बार पुन: निवेदन किया गया है कि इन वृक्षा कों जल्द से जल्द हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।

संगठन के पुणे जिला प्रमुख रामभाऊ जाधव ने इस संदर्भ में दिए ज्ञापन में कहा है कि खडकी रेलवे स्टेशन से औंध की ओर जाने वाले मार्ग पर हर वक्त यातायात रहता है। इस कारण अक्सर जाम भी लगता है। इसी मार्ग से सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की ओर भी एक रास्ता जाता है, जिसे पार्क रोड-जोशी गेट नाम से जाना जाता है। इस रास्ते पर विश्वविद्यालय के पास एक बड़ी इमारत है। इस इमारत में राज्य मंत्री मंडल के मंत्रियों के फ्लैट हैं। इस कारण इस मार्ग पर लगातार वाहनों की भीड़ होती है।

इस परिसर में क्यूएमटीआई टेक्निकल इंस्टीट्यूट है, पीपी होम है, जहां पर युद्ध में अपंग हुए सैनिक रहते हैं। ये लोग व्हील चेयर पर घूमते हुए नजर आते हैं। इस परिसर में कालीमाता मंदिर, आयप्पा मंदिर भी है। इस कारण इस परिसर में अक्सर भीड़भाड़ रहती है। इस मार्ग के आरंभ में ही काफी बड़ा एक पेड़ झुकी हुई अवस्था में है। चौक में स्थित इस पेड़ के आसपास अनेक छोटी छोटी दुकानें और टपरियां है। घनी छांव होने के कारण यहां रिक्शावाले भी विश्राम करते हैं। कई फोर व्हीलर गाड़ियां भी यहां खड़ी रहती है। ऐसे में इन दुकानों, रिक्शा और फोर व्हीलर गाड़ियों को इस पेड़ से धोखा हो सकता है।

इसलिए इस धोखादायक वृक्ष को जल्द से जल्द यहां से हटाने की जरूरत है। यदि हटाना संभव न हो, तब भी इस पेड़ की धोखादायक टहनियों को छांटना जरूरी है। अन्यथा वृद्ध हो चुके इस पेड़ के कभी भी धराशाई होने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। यदि यहां इस पेड़ के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो इसके लिए मपना और खड़की कंटोन्मेंट प्रशासन ही पूरी तरह से जिम्मेदार होगा। यदि पेड़ को यहां से नहीं हटाया गया, तो छावा मराठा संगठन की ओर से रास्ता रोको आंदोलन करने की चेतावनी भी रामभाऊ जाधव ने दी है।