Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation

    पिंपरी : फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र पेश कर मनुष्यबल आपूर्ति का ठेका हासिल करनेवाली ठेकेदार कंपनी पर पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका (Pimpri Chinchwad Municipal Corporation) कमिश्नर (Commissioner) की मेहरबानी बरस रही है। इस कंपनी का ठेका रद्द कर उसे ब्लैक लिस्ट में शामिल कर उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज (Criminal Case) करने की बजाय उसे नए सड़कों की सफाई का ठेका दिया गया है। यह चौंकानेवाली जानकारी सामने लाते हुए भूतपूर्व महापौर और एनसीपी के वरिष्ठ नगरसेवक योगेश बहल ने अदालत (Court) का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है। 

    इस बारे में उन्होंने महानगरपालिका कमिश्नर  राजेश पाटील को स्मरण पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि, महानगरपालिका के चिकित्सा विभाग में विभिन्न चिकित्सा, पैरामेडिकल स्टाफ की आपूर्ति का टेंडर भरते वक्त श्रीकृपा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक ठेकेदार कंपनी ने फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र जोड़कर महानगरपालिका को ठगा है। इस संबंध में, सभी प्रमाण महानगरपालिका प्रशासन को देकर ध्यानाकर्षित किया गया। इसके महीने भर बाद भी संबंधित ठेकेदार कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बारे में महानगरपालिका कमिश्नर ने संवाददाताओं से की गई बातचीत में कहा था कि मामले की छानबीन जारी है। एक तरफ ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उस पर कार्रवाई करने में देरी की जा रही है। दूसरी ओर उसी ठेकेदार पर दूसरे ठेके सौंपकर मेहरबानी की जा रही है। 

    वित्तीय लाभ के लिए प्रशासन के कुछ अधिकारियों और सत्ताधारी भाजपा के नेताओं द्वारा इस गंभीर कृत्य को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। इस ठेकेदार की जांच की जगह महानगरपालिका को धोखा देने के इनाम के तौर पर सड़कों की सफाई के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा करोड़ों रुपये के ठेके दिए जा रहे हैं। इसलिए जांच पूरी होने तक इस ठेकेदार को कोई नया काम नहीं दिया जाए। साथ ही जनशक्ति आपूर्ति का कार्य जो चिकित्सा विभाग द्वारा दिया गया है, उसके बिल अदा न किए जाएं, यह मांग योगेश बहल ने की है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए महानगरपालिका की धोखाधड़ी बेहद गंभीर मामला है। इसलिए कमिश्नर से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की गई थी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। बहल ने आरोप लगाया कि महानगरपालिका  कमिश्नर  सत्तारूढ़ भाजपा के दबाव में काम कर रहे हैं।