सड़कों पर पड़े गड्ढों को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लगाई अधिकारियों को फटकार

    ठाणे : ठाणे के घोडबंदर रोड पर काजुपाड़ा में गड्ढे (Pit) का एक मोटर साइकिल द्वारा पहला शिकार होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Chief Minister Eknath Shinde) ने इस मुद्दे पर सरकार के अलग एजेंसियों (Agencies) और जिले के विभिन्न महानगरपालिका (Municipal Corporation) के अधिकारियों (Officials) को फटकार लगाई। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में सतर्क रहने और गड्ढों को तुरंत भरने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारियों को फील्ड स्तर पर काम करने का निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अधिकारी मैदान पर काम करें तो स्थिति पर काबू पाया जा सकता है। प्राकृतिक आपदा में किसी भी तरह की जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए एजेंसियों को समन्वय करना चाहिए और तत्काल मदद और बचाव कार्य करना चाहिए। जिला प्रशासन में विभाग सतर्क रहें और आपदा का सामना करने के लिए तैयार रहें। 

    सड़कों पर गड्ढों को सावधानीपूर्वक भरने के निर्देश

    मुख्यमंत्री शिंदे ने ठाणे जिला समिति सभागृह में ठाणे जिला आपदा प्रबंधन पर समीक्षा बैठक में निर्देश दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव मनुकुमार श्रीवास्तव, जिला आधिकारी राजेश नार्वेकर, महानगरपालिका कमिश्नर डॉ. विपिन शर्माम जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. भाऊसाहेब दांगड़े सहित अन्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मंत्रालयों के प्रमुख सचिव, सचिव उपस्थित थे। इस दौरान शिंदे ने कहा कि लोक निर्माण, एमएसआरडीसी, एमएमआरडीए, महानगरपालिकाएं और नगरपालिकाएं सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर काम करने का निर्देश देते हुए अधिकारी अगर फील्ड में काम करें तो स्थिति को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सड़कों पर गड्ढों को सावधानीपूर्वक भरने के निर्देश दिए। इस बात का ध्यान रखें कि गड्ढों से दुर्घटना न हो और जानमाल का नुकसान न हो। गड्ढों को कोल्ड मिक्स विधि से भरें।  मुख्यमंत्री ने सड़क मरम्मत एजेंसियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति की निगरानी कर क्षेत्र में किसी भी तरह की जान का नुकसान न होने पर विशेष ध्यान रखने का आदेश भी दिया। 

    सुचारू बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए

    मुख्यमंत्री ने बरसात के दौरान बिजली आपूर्ति खंडित न हो इसके लिए सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति के लिए तैयार रहने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिए कि लोगों द्वारा आने वाले शिकायतों का शिकायत निवारण केंद्र पर कॉल करके जवाब दें। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को फील्ड स्टाफ और सिस्टम को तुरंत आवश्यक सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 

    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जिले के बांधों से पानी को छोड़ने के दौरान जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को समय पर सुचना दिया जाए। रेलवे अधिकारियों को सतर्क रहने और मुंबई महानगरपालिका के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही जलजमाव के कारण ट्रेन सेवा बाधित होने पर यात्रियों को परेशानी न हो, इसका ध्यान रखने और इसके लिए एक समन्वय अधिकारी (नोडल) नियुक्त करने का आदेश भी दिया। अधिक बरसात के दौरान ट्रेनों के आवाजाही पर असर पड़ने पर उन्होंने यात्रियों की सुविधा के लिए बेस्ट, एसटी बसों या स्थानीय परिवहन सेवाओं की मदद लेने का सुझाव दिया।