Salary of MLAs of Delhi Hiked, now the MLAs will get Rs 30,000 extra each month
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    अंबरनाथ: अंबरनाथ नगरपालिका के मुख्याधिकारी डॉ. प्रशांत रसाल ने नगरपालिका के सभी विविध विभाग प्रमुखों की बैठक में स्पष्ट किया की उन्हें शिकायतें (Complaints) मिल रही है कि स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे है। इसलिए ऐसे कामचोर अधिकारियों का नवंबर महीने का वेतन रोका जाएगा, इसी तरह उन्होंने नगरपालिका के महत्त्वपूर्ण नगररचना और बांधकाम विभाग के अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि वह निजी स्वार्थ के बजाए नगरपालिका से सबंधित विविध योजनाओं (Miscellaneous Schemes) के काम पर ध्यान दें जिससे शहरवासियों को सुविधाए मुहैया हो सकें।

    अंबरनाथ नगरपालिका के मुख्याधिकारी डॉ. प्रशांत रसाल के पास प्रशासक की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी है इसके अलावा उनके पास कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका की स्मार्ट सिटी योजना का काम भी है। 

    अधिकारी नहीं दिखा रहे काम के प्रति गंभीरता

    नपा सूत्रों के अनुसार, यह मीटिंग शुक्रवार को नगरपालिका के सभागृह हुई थी। एमएमआरडीए और नगरविकास मंत्रालय के माध्यम से एक ओर जहां नगरपालिका के सीओ विविध योजनाओं को लाने का काम कर रहें, वहीं उन्हें शिकायत मिल रहीं थी कि नगरपालिका के अनेक विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने ने असफल है। इसी प्रकार इस बैठक में चिखलौली स्थित घनकचरा व्यवस्थापन  प्रकल्प का भी मुद्दा मुख्याधिकारी ने उपस्थित करते हुए कहा कि इस विभाग के अधिकारियों को जो जिम्मेदारी दी गई है उसके प्रति वह गंभीरता नहीं दिखा रहे है। जानकारी यह भी है कि मुख्याधिकारी डॉ. रसाल ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सहित महकमे के निरीक्षकों का इस महीने का वेतन रोकने के आदेश लेखा विभाग को दिए है।

    अधिकारियों की कार्य पद्धति पर भी नाराजगी दर्शाई

    नगरपालिका सूत्रों ने यह भी बताया कि मुख्याधिकारी डॉ. रसाल  ने टाउन प्लानिंग और बांधकाम विभाग के अधिकारियों की कार्य पद्धति पर भी नाराजगी दर्शाई। उन्होंने कहा कि नगररचना विभाग में अधिकतर आवाजाही अर्टिटेक्चर की होती है और उनके काम करने में ही अधिकारी अधिक रुचि रखते है उनका ध्यान नगरपालिका की योजनाओं पर उसकी तुलना में काफी कम रहता है। पीडब्ल्यूडी महकमे को भी शहर हित के काम करने के आदेश उन्होंने दिए।  मुख्याधिकारी की सख्ती का सोमवार को यह असर यह दिखा की हमेशा की तरह टाउन प्लानिंग और बांधकाम विभाग में भीड़ कम दिखी।