बंद के कारण ठाणे परिवहन सेवा को हुआ 18 लाख का नुकसान

    ठाणे : लखीमपूर (Lakhimpur) की घटना के विरोध में महाविकास आघाडी द्वारा बुलाए गए महाराष्ट्र बंद (Maharashtra Bandh) होने कारण सोमवार को शहर की लाइफ लाइन समझी जाने वाले ठाणे परिवहन सेवा (Thane Transport Service) (टीएमटी) की एक भी बसें सड़कों पर नहीं उतरी। वहीं महानगरपालिका सूत्रों की माने तो बसों को नहीं चलाने का दबाव उनपर राजनितिक दलों का था। जिसके कारण उन्हें यह निर्णय लिया और इसके चलते परिवहन सेवा को 18 लाख का  नुकसान भी उठाना पड़ा है।  

    गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर की घटना के विरोध में महाविकास आघाडी ने सोमवार को महाराष्ट्र बंद बुलाया था। इस बंद में अत्यावश्यक सेवाओं को अलग रखने का निर्णय लिया गया था। एकतरफ जहां शहर में एसटी और एनएमएमटी की बसें सड़कों पर चल रही थी। परंतु दूसरी तरफ ठाणे परिवहन सेवा (टीएमटी) सेवा का एक भी बस सड़क पर नजर नहीं आई।  जिसके कारण ठाणे रेलवे स्टेशन के सैटिस पूल पर यात्रियों की बस के लिए लंबी कतार नजर आई। बसों के न चलने के कारण लोगों को यात्रा संबधित परेशानियों का सामना करना पड़ा।  

    दैनिक आय पर असर पड़ रहा है

    वैसे कोरोना के चलते जहां पहले से ठाणे परिवहन सेवा को घाटा उठाना पड़ा है।वहीं वर्तमान समय में 100 से भी अधिक बसें मामूली पुर्जों के अभाव में बस डिपो में खड़ी है। जिसके कारण परिवहन सेवा के दैनिक आय पर असर पड़ रहा है। वहीं सोमवार को बंद होने कारण परिवहन सेवा को करीब 18 लाख रूपए का घाटा उठाना पड़ा है। महानगरपालिका परिवहन प्रशासन का कहना है कि सोमवार को कर्मचारी भी काम पर नहीं आए जिसके कारण बस डिपो में से 250 बसें सड़कों पर नहीं चल पाई साथ ही राजनितिक दलों का भी दबाव था कि बंद के कारण तोड़फोड़ हो सकती है इसलिए बसें न चलाई जाए।  

    कर्मचारियों का काटा जा सकता है वेतन 

    महानगरपालिका सूत्रों की मानें तो परिवहन प्रशासन की तरफ से बंद में कर्मचारी हिस्सा न लें लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों ने सोमवार को दांडी मार दी।  अब काम पर अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों का एक दिन अवकाश मानकर उनका वेतन काटने का निर्णय लिया है।