Villagers lock the panchayat office, accusing the village servant of corruption

    भिवंडी.  भिवंडी तालुका (Bhiwandi Taluka) अंतर्गत दुगाड़ ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) में केंद्र सरकार (Central Government) के द्वारा 14वें वित्त आयोग (Finance Commission) में दिए गए लाखों रुपए निधि पर ग्राम सेविका द्वारा भ्रष्टाचार (Corruption) किए जाने का आरोप लगाकर ग्रामवासियों ने ग्राम पंचायत कार्यालय पर ताला जड़ते हुए ग्रामसेविका को निलंबित करने के साथ उनके विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

    भ्रष्टाचार प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए ग्राम पंचायत सदस्य प्रकाश आत्माराम ने बताया कि भिवंडी तालुका के दुगाड़ ग्राम पंचायत के लिए 14वां वित्त आयोग योजना के अनुसार ग्राम विकास कार्यों के लिए 14 लाख रुपए मिले थे। फंड को ग्रामसेविका ने आर्थिक वर्ष 2019 – 2020 और 2020-21 की कालावधी के समय लॉकडाउन होने के कारण ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की मासिक सभा प्रत्यक्ष नहीं हो सकी। ग्रामवासियों का आरोप है कि ग्राम सेविका ने फायदा उठाकर करीब 11 लाख 4 हजार 220 रुपए निधि का ग्राम पंचायत कार्यालय के कागज पत्र पर कोई उल्लेख न करते हुए खर्च किया है। उक्त आर्थिक व्यवहार के बीच एक भी भुगतान चेक द्वारा न करते हुए नगद किया गया है।

    ग्राम पंचायत कार्यालय पर ताला 

    इस मामले में ग्रामवासियों द्वारा पंचायत समिति, जिला परिषद प्रशासन को मार्च महीने में शिकायत कर ग्रामसेविका के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई थी। इस मामले में कोईकार्रवाई न होने से नाराज ग्रामवासियों ने दुगाड़ ग्राम पंचायत कार्यालय पर ताला जड़ दिया। ग्रामवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि ग्रामसेविका को निलंबित कर उसके भ्रष्टाचार की जब तक पूरी जांच नहीं कराई जाती तब तक ग्राम पंचायत कार्यालय पर लगा ताला नहीं खोला जाएगा।