Uddhav Thackeray, Eknath Shinde

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मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में राजनीतिक (Political) हलचल चुनाव (Election 2024) से पहले और तेज होती नजर आ रही है। महाराष्ट्र के सियासी गलियारे में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) एक बार फिर आमने-सामने नजर आ रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पर तंज करते हुए कई सवाल पूछा है। जब राज्य की जनता बे मौसम बारिश की मार झेल रही है तो वह तेलंगाना में बीजेपी का चुनाव प्रचार क्यों कर रहे हैं। तो वहीं उद्धव ठाकरे पर एकनाथ शिंदे ने तो निशाना नहीं साधा लेकिन अयोग्यता वाले मामले में शिंदे गुट के वकील महेश जेठमलानी उद्धव ठाकरे के गुट पर फर्जी दस्तावेज जमा करवाने का आरोप लगाते हुए नजर आए। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि उद्धव ठाकरे एक तरफ एकनाथ शिंदे की मुश्किल बढ़ा रहे हैं। तो एकनाथ शिंदे के गुट के वकील उद्धव ठाकरे से सवाल पूछ रहे हैं। यानि महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मी चुनाव से पहले तेज होती नजर आ रही है। नेताओं का आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। 

उद्धव ठाकरे ने क्या कहा
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य के मौजूदा सीएम एकनाथ शिंदे पर ज़ोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेमौसम बारिश से किसान पस्त हैं लेकिन सीएम शिंदे तेलंगाना में बीजेपी का चुनाव प्रचार करने में मस्त हैं। ठाकरे ने कहा कि किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। काफी संख्या में मवेशियों की मौत हो गई है। ऐसे में राज्य के सीएम को हमारे किसानों की मदद के लिए तत्काल कदम उठाना चाहिए था। लेकिन वे किसानों को मदद पहुंचाने के बजाय दूसरे राज्य में घूम कर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ठाकरे ने आगे कहा कि जिस सीएम को अपने राज्य के किसानों की चिंता न हो वह राज्य चलाने योग्य नहीं है। ऐसे सीएम को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह बात मंगलवार को मातोश्री में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।  

महाराष्ट्र के एक फुल, दो हाफ कहां है
उद्धव ने सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार पर जोरदार निशाना साधते हुए कहा महाराष्ट्र के एक फुल, दो हाफ कहां है। उन्होंने कहा कि एक डिप्टी सीएम को डेंगू हुआ था और दूसरे उपमुख्यमंत्री पता नहीं किस राज्य में घूम रहे हैं, पूर्व सीएम ने कहा कि इन सभी को मिल कर किसानों की मदद के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए था। लेकिन इन्हें बलिराजा की कोई फ़िक्र नहीं नहीं। उन्होंने सीएम शिंदे को घेरते हुए कहा कि आज खुद को किसान का बेटा कहने वाले सीएम कहां है। 

महाराष्ट्र में सिलेंडर की कीमत 450 करो 
उद्धव ने कहा कि बीजेपी 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए वहां के लोगों 450 रुपए में गैस सिलेंडर देने की बात कर रहें है। क्या इन बीजेपी नेताओं को महाराष्ट्र दिखाई नहीं दे रहा है। यहां की बीजेपी सरकार महाराष्ट्र में सिलेंडर का दाम 450 रुपए क्यों नहीं कर रही है। 

मैच देखने का समय लेकिन मणिपुर  जाने का नहीं
उद्धव ने पीएम नरेंद्र मोदी को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि  पीएम के पास वर्ल्ड कप क्रिकेट का फाइनल मैच देखने का समय है लेकिन मणिपुर में जाने का समय नहीं है। उन्होंने ज़ोरदार तंज कसते हुए कहा कि जब खुद विश्वगुरु तेलंगाना में चुनाव प्रचार करने गए हैं तो फिर वहां हमारे सीएम क्या कर रहे हैं। 

शिंदे गुट के वकील का उद्धव ठाकरे पर आरोप 
सीएम एकनाथ शिंदे समेत 16 विधायकों की अयोग्यता मामले में मंगलवार को विधान भवन में सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान सीएम एकनाथ शिंदे के वकील महेश जेठमलानी ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट के नेता सुनील प्रभु को घेरने की कोशिश की। जेठमलानी ने आरोप लगाया कि ठाकरे गुट की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए दस्तावेज झूठे हैं। क्योंकि शिवसेना के संविधान में पार्टी प्रमुख का कोई पद नहीं है। जेठमलानी के दावे से इस सुनवाई में अहम  मोड़ आ गया है। 

1999 में बना था शिवसेना का संविधान 
उन्होंने कहा कि शिवसेना का संविधान वर्ष 1999 का है और यह फिलहाल चुनाव आयोग के पास है। इस संविधान के अनुसार पार्टी प्रमुख का पद अस्तित्व में नहीं है। पार्टी प्रमुख के रूप में उद्धव ठाकरे ने जो कुछ भी किया है वह भी गलत है क्योंकि ऐसा कोई पद मौजूद नहीं है। जेठमलानी के दावे पर ठाकरे ग्रुप के वकील देवदत्त कामत ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में इस पर बहस नहीं होनी चाहिए। अयोग्यता मामले पर आगे भी सुनवाई जारी रहेगी। 

फर्जी अयोग्यता याचिका
जेठमलानी ने यह भी आरोप लगाया है कि जून महीने में प्रस्ताव की एक नकली प्रति तैयार की गई थी और उसका इस्तेमाल फर्जी अयोग्यता याचिका दायर करने के लिए किया गया था।  उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र पर विधायक दिलीप लांडे का फर्जी हस्ताक्षर किया गया है। 22 जून को हुई बैठक में दिलीप लांडे उपस्थित नहीं थे। हालांकि सुनील प्रभु ने जेठमलानी की दलील को खारिज करते हुए कहा कि ये सब झूठ है। 

विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर
महेश जेठमलानी, सीएम शिंदे के वकील ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने सफलतापूर्वक यह स्थापित कर दिया है कि उन्होंने (उद्धव ठाकरे गुट) सुप्रीम कोर्ट में जो भी दस्तावेज दाखिल किया है, वह फर्जी है। उन्होंने कुछ विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर भी किए हैं। उन विधायकों ने हलफनामा दायर किया है और वे आएंगे और इसके बारे में सबूत देंगे।