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  • निर्माण कार्य श्रमिकों का सीएम को मांगों का ज्ञापन

वर्धा. जिले के निर्माण कार्य श्रमिकों की प्रलंबित मांगे तुरंत पूर्ण कर श्रमिकों को न्याय देने की मांग निर्माण कार्य श्रमिक महासंघ ने मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री को ज्ञापन भेजकर की है. महाराष्ट्र में 23 जुलाई 2020 से कल्याणकारी मंडल के सचिव की सूचना के तहत निर्माण कार्य श्रमिकों के शुरू काम बंद कर ऑनलाइन पद्धति से करने के दिशानिर्देश दिए गए. परंतु प्रत्यक्ष जिले में श्रमिकों के ऑनलाइन आवेदन भरने के बाद आगे की प्रक्रिया आज तक पूर्ण नहीं हो पाई.

निर्माण कार्य श्रमिक कल्याणकारी मंडल की ओर से कानून में होने वाले प्रावधान का उल्लंघन किया जा रहा है. कानून के तहत श्रमिकों को खुद का पंजीयन करने, नवीनीकरण, लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति करने के बाद श्रमिकों का पंजीयन कर लाभ देना कल्याणकारी मंडल को अनिवार्य है, लेकिन अधिकृत रूप से काम बंद किया गया है. इस कारण से जिले के हजारों श्रमिक मंडल पंजीयन से वंचित है.

25,000 से अधिक अनुदान के मामले लटके

गत आठ माह से जिले के 25 हजार से अधिक विविध अनुदान के प्रलंबित आवेदनों का निपटारा करने, कानून के प्रावधान के तहत निर्माण कार्य श्रमिकों का पंजीयन करने, ऑनलाइन पद्धति श्रमिकों को समझेगी, इस पद्धति से चलाने, लॉकडाउन के दौरान जिन श्रमिकों को अनुदान नहीं मिला, उन्हें तुरंत अनुदान देने, मकान के लिए आवेदन करने वाले निर्माण कार्य श्रमिकों को योजना के तहत दो लाख रुपए देने, जिले में स्थायी रूप से श्रमिक अधिकारी नियुक्त करने आदि मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा गया.