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    • कुछ डिप्रेशन में तो कुछ कर चुके आत्महत्या का प्रयास

    अकोला. कुछ बेरोजगार युवकों के साथ साथ कुछ संपन्न घरों के युवक इस समय अवैध साहुकारों के सिकंजे में दिखाई दे रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में अवैध ब्याज वसूली का धंधा शहर में काफी तेजी से पनपा है. जिसके कारण शहर के कई घर प्रभावित होते हुए दिखाई दे रहे हैं. बेरोजगार युवक तो अपने छोटे मोटे धंधे या अन्य किसी काम के लिए ऐसे साहुकारों से संपर्क करते हैं. लेकिन ब्याज से पैसा लेते समय यह भूल जाते हैं कि उसका ब्याज कितना देना पड़ेगा.

    एक लाख रूपये ब्याज से लेने पर पांच प्रतिशत के अनुसार पांच हजार रूपये माह के देने पड़ते हैं. इसी तरह दस प्रतिशत ब्याज के अनुसार एक लाख रूपये पर दस हजार रूपये प्रति माह देने पड़ते हैं. देखते देखते वर्ष भर में ब्याज देते देते संबंधित ब्याज देने वाले की स्थिति बिगड़ जाती है. जो ब्याज नहीं दे पाते हैं उनकी मूल राशि एक लाख रूपये से बढ़कर दो लाख हो जाती है. फिर तो भरना मुश्किल ही हो जाता है. इस तरह का अवैध ब्याज का धंधा शहर में काफी तेजी से फल फूल रहा है. 

    मारपीट भी की जाती है

    यह मामला सिर्फ ब्याज से रुपये देने तक सीमित नहीं है. यदि इस तरह के साहुकार ने किसी युवा या संबंधित व्यक्ति को ब्याज से रुपये दिए और किसी कारणवश वह मासिक ब्याज नहीं दे पाया तो उसके साथ मारपीट भी की जाती है. जिसके कारण इस तरह के ब्याज से रुपये देनेवालों का आतंक दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है. पांच और दस प्रतिशत ब्याज से रुपये देनेवालों के एजन्ट शहर में घूमते रहते हैं और संबंधित युवाओं पर नजर रखते हैं.

    शायद इसी कारण से शहर के कई मध्यम वर्गीय परिवारों से लेकर संपन्न परिवारों के लोग काफी चिंताग्रस्त दिखाई दे रहे हैं. क्योंकि समय पर ब्याज न मिलने पर संबंधित ब्याज से रूपये लेनेवाले या उसके परिजनों को टॉर्चर किया जाता है. शायद यही कारण है कि ब्याज से रूपये लेनेवाले कई युवक डिप्रेशन का शिकार हो चुके हैं तो कुछ युवक आत्महत्या का प्रयास भी कर चुके हैं. क्योंकि जब बहुत अधिक ब्याज हो जाता है तब माता पिता तक यह बात पहुंचती है.

    फिर माता पिता प्रयास करते हैं कि अपनी परिस्थिति के अनुसार मूल रकम तथा ब्याज देकर अपने बेटे को किसी तरह अवैध ब्याज से रुपये देने वालों के चुंगुल से बचाएं. क्योंकि ब्याज की राशि लेने के मामले में यह अवैध साहुकार किसी की नहीं सुनते हैं और ना ही किसी की इज्जत करते हैं. ऐसे लोगों का शहर में आज भी काफी आतंक है.

    और तो और कुछ अवैध साहुकार ब्याज से रुपये देने से पहले संबंधित से चेक ले लेते हैं. यदि आप किसी युवक से दो लाख रू. का चेक ले लेते हैं तो आपने यह सोचना चाहिए कि क्या संबंधित युवक के अकाउंट में कभी दो लाख रू. थे. ऐसे साहुकारों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. 

    पुलिस कार्रवाई करती है-पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर

    इस बारे में पुलिस अधीक्षक जी.श्रीधर से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि डीडीआर द्वारा जब हमारी पुलिस के पास इस तरह के अवैध साहुकारों की शिकायत आती है तो नियमानुसार ऐसे अवैध साहुकारों पर पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जाती है. उन्होंने बताया कि अवैध साहुकारों के अवैध दबाव में न आते हुए इस तरह के मामले में संबंधितों ने पुलिस विभाग से संपर्क करना चाहिए. नियमानुसार जहां तक हो सकेगा पुलिस संबंधित साहुकारों के खिलाफ कार्रवाई करेगी.