Yavatmal Collector

यवतमाल. जिले में किसान आत्महत्या के मामलों के निपटारे के संबंध में, जिलाधिकारी एम. देवेंद्र सिंह ने जिला स्तरीय समिति की समीक्षा की और मामलों का निपटारा किया. जिला स्तरीय समिति की बैठक में कुल 9 मामलों की समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने पात्र मामलों में परिवारों को क्षेत्र में नरेगा के तहत कुओं को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. एक सप्ताह के भीतर, संबंधित उप तहसीलदार, पटवारी, पुलिस पाटिल और ग्रामसेवक को परिवारों से सभी दस्तावेज तैयार करने चाहिए. इसमें कोई हेरफेर नहीं होना चाहिए. साथ ही, कुछ परिवारों को खेत में पंप, गायों और भैंसों का आवंटन एक साइड व्यवसाय के रूप में, खेतों का आवंटन आदि का लाभ दिया जाना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि संजय गांधी निराधार योजना के तहत भी परिवार को लाभ प्रदान करने की योजना बनाई जानी चाहिए.

आर्णी तहसील के मालेगांव के कैलास पवार के परिवार को नरेगा के तहत कुएं से लाभ मिला, आर्णी तहसील के कु-हा निवासी अक्षय पुसनाके के परिवार को कुएं से लाभ मिला, मारेगांव तहसील में टाकली से विट्ठल जुमनाके का परिवार को कुआ, केलापुर तहसील के अर्ली निवासी संतोष बोरकर के परिवार को संजय गांधी निराधार योजना का लाभ, घाटंजी तहसील के आंबेझरी निवासी विजय कोटनाके के परिवार को बकरी वितरण, झरी जामणी तहसील के दाभाडी के शरद आत्राम के परिवार को कुआं ओर बकरी पालन, नेर तहसील के सोनवाढोणा के राजेश राठोड के परिवार को कुआ व खेती को कंपाउंड, नेर तहसील के पिंपरी कलगा के राजेश तुपटकर के परिवार को कुआ और दिग्रस के रामनगर के शत्रृध्न शेंगर के परिवार को संजय गांधी निराधार योजना का लाभ प्रस्तावित किया गया.

बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, निवासी उपजिलाधिकारी ललितकुमार व-हाडे, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. तरंगतुषार वारे, जिला आरोग्य अधिकारी डॉ. हरी पवार, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (पंचायत) अरविंद गुडधे, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज चौधर, पशुसवंर्धन विभागाचे उपायुक्त डॉ. बी. आर. रामटेके, जिला अधिक्षक कृषी अधिकारी नवनाथ कोलपकर  आदि उपस्थित थे. पटवारी, पुलिस पाटिल, संबंधित गांवों के उप तहसीलदार बैठक में उपस्थित थे.