Court sent accused Anand Giri and Ajna Tiwari to 14 days judicial custody

    प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhada Parishad) के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) के आत्महत्या मामले में प्रयागराज जिला अदालत ने दोनों आरोपियों आनंद गिरी (Anand Giri) और आज्ञा तिवारी (Agya Tiwari) को न्यायिक हिरासत में भेजा। अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की कस्टडी में भेजा है। 

    वहीं अदालत में पेश करने के पहले सभी आरोपियों को जिला अस्पताल में ले जाकर मेडिकल कराया गया। उसके बाद सभी को कोर्ट में पेश किया गया। 

    नरेंद्र गिरी को दी गई भू-समाधी 

    महंत नरेंद्र गिरी के पार्थिव शरीर को उनके इच्छा अनुसार बाघंबरी गद्दी में भू-समाधि दी गई। इस दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से जुड़े सभी 13 अखाड़ों के महंत और महामंडलेश्वर मठ में मौजूद हैं। पूर्व सांसद राम विलास वेदांती के अलावा हरि गिरि, रविंद्रपुरी महाराज और मौनी स्वामी सहित सैकड़ों साधु महात्मा यहां मौजूद रहे। वहीं उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या सहित सरकार के कई नेता, विधायक और सांसद भी इस दौरान वहां उपस्तिथ रहे। महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी बलवीर गिरि ने समाधि की पूरी प्रक्रिया अपने हाथों से संपन्न की।

    दम घुटने से हुई मौत 

    समाधि देने के पहले महंत नरेंद्र गिरी के पार्थिव शरीर को स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां उनका पोस्टमार्टम किया गया। वहीं पोस्टमार्टम की आई प्रारंभिक जांच यह पता चला है कि, उनकी मौत दम घुटने से हुई है।

    ज्ञात हो कि, सोमवार को महंत नरेंद्र गिरी ने प्रयागराज स्थित आश्रम में फांसी लगातार आत्महत्या कर ली थी। महंत ने अपने शिष्य आनंद गिरी और बड़े हनुमान जी के पुजारी आज्ञा तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी पर झूठे आरोप लगातार बदनाम करने का आरोप लगते हुए अपने मौत का जिम्मेदार बताया था।