उत्तर प्रदेश के बजट में किसानों के साथ ‘धोखा’ हुआ हैं: राष्ट्रीय किसान मंच

    लखनऊ: किसान संगठन राष्ट्रीय किसान मंच (Rashtriya Kisan Manch) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के 2022-2023 के बजट (Uttar Pradesh Budget 2022-2023) में किसानों के साथ ‘धोखा’ हुआ है। यहां जारी एक बयान में किसान संगठन के अध्यक्ष शेखर दीक्षित (Shekhar Dixit) ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश सरकार (UP Goverment) ने इस बजट में किसानों के साथ धोखा किया है, और किसानों को गन्ना बकाया भुगतान के दावे पूरी तरह से खोखले हैं।”

    गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर सरकार पर आंकड़ों का मकड़जाल बुनने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 2022 तक के गन्ना मूल्य भुगतान का दावा पूरी तरह से खोखला है। उन्होंने कहा कि आज भी करीब तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य का भुगतान बाकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान सम्मान निधि देने में भी किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने खुद भी माना है कि किसान सम्मान निधि का लाभ अधिकांश किसानों तक नहीं पहुचा है। सरकार की बीज वितरण योजना भी कुप्रबंधन का शिकार है। करीब 90 प्रतिशत किसान आज भी बीज बाजार से खरीदने को मजबूर हैं। सरकारी बीज वितरण कागजों पर ही होता रहता है।”

    बजट पर प्रतिक्रिया जताते हुए लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बजट में एक बार फिर से सरकार की लोक लुभावन योजनाओं की घोषणा व आंकड़ों की बाजगीगरी से स्पष्ट है कि सरकार ने एक ओर जहां अपने चुनावी वादों को पूरा करने का प्रयास किया है, वहीं दूसरी तरफ आगामी आम चुनाव 2024 की जमीन भी तैयार करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने योजना और प्रयास के मध्य सामंजस्य स्थापित कर लिया तो यह बजट निश्चित ही विकासोन्मुखी साबित होगा।

    त्रिपाठी ने कहा कि अधिवक्ताओं व अदालत की सुरक्षा इत्यादि का प्रावधान किया जाना सुखद है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह अपेक्षानूरूप नहीं है, फिर भी यह ‘कुछ नहीं से कुछ अच्छा’ जैसा अवश्य है। उत्तर प्रदेश की विधानसभा में बृहस्पतिवार को पेश किये गये वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में सरकार ने पुलिस तंत्र की बेहतरी के साथ किसानों, महिलाओं, युवाओं, चिकित्सा, शिक्षा और आस्था के केंद्रों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का 6,15,518.97 करोड़ रुपये का पहला बजट बृहस्पतिवार को विधानसभा में पेश किया गया जिसमें 39 हजार 181 करोड़ 10 लाख रुपये की नयी योजनाएं शामिल की गयी हैं। इस बजट में पुलिस तंत्र में बेहतरी के साथ किसानों, महिलाओं, युवाओं, चिकित्सा, शिक्षा और आस्था के केंद्रों के विकास के लिए सरकार ने खजाना खोला है।