BJP-SP Flag

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-राजेश मिश्र

लखनऊ: उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव (UP Nikay Chunav 2023) में मुख्य मुकाबले में शामिल प्रमुख दल सपा-बीजेपी (SP-BJP) के सामने फिलहाल उसके नाराज कार्यकर्ता और बागी (Rebel) उसके लिए प्रमुख चुनौती बन गए हैं। सपा जहां इन बागियों को मनाकर मुकाबला सीधा करना चाहती है तो बीजेपी अपने वर्चस्व को बरकरार रखने में जुटी है। मुख्य मुकाबला सपा और बीजेपी के बीच होना है और इसके लिए दोनों दलों ने अपने-अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं साथ उनकी नामांकन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन टिकट बंटवारे के बाद इन दोनों दलों के नेता सूबे में कई जगह आपस में ही ताल ठोंकते नजर आ रहे हैं या फिर अपने तरीके से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। 

अकेले अवध क्षेत्र में ही बीजेपी के बागियों की संख्या दो दर्जन के आसपास बताई जा रही है, हालांकि इनमें से कईयों को मना लिया गया है। ऐसे में ये बागी कहीं चुनावी गणित न बिगाड़ दें इस बात की चिंता दोनों दलों में बनी हुई है और दोनों ही दल लगातार बागी नेताओं को साधने में लगे हुए हैं।

मान मनौवल का दौर जारी 

इस तरह जहां समाजवादी पार्टी अपने घर में अपनों से ही घिरती नजर आ रही है तो भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें भी कम नहीं हैं और वह भी इससे अछूती नहीं है। इस नुकसान से बचने के लिए अब मान मनौवल का दौर शुरू हो गया हैं। सपा की कोशिश है कि बागियों को मनाकर बीजेपी से सीधा मुकाबला किया जाए। तो बीजेपी ने बागियों को मनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दिया है। इस डैमेज को कंट्रोल करने में जुटे प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने नाराज और बागी कार्यकर्ताओं को मनाने की जिम्मेदारी पार्टी पदाधिकारियों के साथ ही विधायकों और सांसदों को दी हैं।   

बीजेपी में बागियों की संख्या भी कम नहीं 

नामांकन के आखिरी दिन से ही चुनाव अभियान में जुटी बीजेपी की चिंता उसके बागियों को लेकर है। नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का टिकट न मिलने से नाराज दावेदारों और निवर्तमान अध्यक्षों ने बगावत कर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। पार्टी के बागी कहीं खुद निर्दलीय मैदान में हैं तो कहीं परिवार के सदस्यों को पार्टी के खिलाफ उतारा दिया है। इसके अलावा तमाम जगहों पर अपना सियासी वजूद बनाए रखने के लिए दावेदारों ने बगावत कर निर्दलीय नामांकन कर दिया हैं।

बागी बिगाड़ सकते हैं बीजेपी का गणित

बरेली, फरीदपुर, बिशारतगंज, मीरगंज और नबाबगंज नगरपालिका परिषद में बगावत की खबर है तो पीलीभीत में भी भितरघात पर बीजेपी के सदस्य उतारू हो गये हैं। पीलीभीत नगर पालिका परिषद, पूरनपुर, नगर पालिका सीट पर बागी। शाहजहांपुर में जलालाबाद, लखीमपुर खीरी नगर पालिका में पूर्व प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य ने तेवर दिखाए हैं तो बदायूं की वजीरगंज नगर पंचायत, मेहदावल में भी बागियों ने बीजेपी की मुसीबत बढ़ा रखा है। ऐसे में सियासी जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते कार्यकर्ताओं को नहीं मनाया गया तो वह बीजेपी की चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं।          

बागियों से परेशान समाजवादी पार्टी

वहीं, समाजवादी पार्टी की चिंता का कारण भी बागी हैं जो उनके गढ़ में ही उनके उतारे गए प्रत्याशी को चुनौती दे रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, सपा के गढ़ इटावा, भरथना, जसवंत नगर, लखना, बकेवर, भोगांव, औरैया, फर्रुखाबाद के खिंवसेपुर, कन्नौज सदर, मैनपुरी, अकबरपुर के अलवा कमोबेश सूबे के अन्य जगहों से भी इस तरह की जानकारियां मिली हैं। बलिया से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी के विद्रोही तेवर की खबरें हैं।