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    नई दिल्ली: अक्सर लोग अपनी सेफ्टी या फिर किसी अन्य वजहों से लोगों की बातों को कैद करने के लिए कॉल रिकॉर्ड (Call Record) करते हैं। लेकिन, अब वह ऐसा नहीं कर पाएंगे। दरअसल, 11 मई 2022 के बाद फोन में कॉल रिकॉर्डिग ऐप (Call Recording App Ban) पर का इस्तेमाल बैन होने जा रहा है, क्योंकि गूगल (Google) ने अपनी पॉलिसी (Google New Policy) में बदलाव किया है, जिससे तहत ऐप डेवलपर्स के लिए थर्ड पार्टी कॉल रिकॉर्डिंग फीचर का यूज़ 11 मई से बैन किया जा रहा है।

    Android यूज़र्स हो जाएं सावधान

    Google ने अपने Play Store Policy में बदलाव किया है, जो 11 मई से लागू होंगे। अब Android यूज़र्स Call Recording Apps का यूज़ नहीं कर पाएंगे, यानी अब यूज़र्स किसी भी थर्ड पार्टी Call Recording Apps से अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर कोई भी कॉल रिकॉर्ड नहीं कर सकेंगे। बता दें कि, इस बदलाव की जानकारी गूगल ने पहले ही साझा की थी।

    क्या है वजह?

    गूगल ने जानकारी दी है कि, थर्ड पार्टी कॉल रिकॉर्डिंग की वजह से यूज़र्स की निजी जानकारी को खतरा है। ऐसे में इस बदलाव को करने की वजह सुरक्षा बताई गई है। इसके मद्देनजर गूगल की तरफ से थर्ड पार्टी कॉल रिकॉर्डिंग ऐप को बैन कर दिया गया है। ज्ञात हो कि, गूगल एंड्राइड 10 बेस्ड स्मार्टफोन में पहले ही गूगल की तरफ से कॉल रिकॉर्डिंग ऐप को बैन कर दिया गया था।

    11 मई से लागू होगा नियम 

    बता दें कि, गूगल (Google) ने हाल ही में गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) नियमों में बदलाव किया है। जिसके तहत, लंबे समय तक प्ले स्टोर पर कॉल रिकॉर्डिंग के लिए API एक्सेसिबिलिटी की इजाजत नहीं दी जाएगी। हालांकि एंड्राइड स्मार्टफोन यूजर्स पहले की तरह इन-बिल्ड कॉल रिकॉर्डिंग ऐप का इस्तेमाल कर पाएंगे। 

    इनबिल्ड ऐप में कर पाएंगे कॉल रिकॉर्डिंग  

    साधारण शब्दों में कहें तो, जिन यूजर्स के स्मार्टफोन में नेटिव कॉल रिकॉर्डिंग फीचर मौजूद हैं, उनके लिए यह बदलाव नहीं है। वह पहले की तरह ही अपने फोन में कॉल रिकॉर्डिंग कर सकेंगे। जबकि जो यूजर्स थर्ड पार्टी ऐप के जरिए कॉल रिकॉर्डिंग करते थे, वो 11 मई के बाद फोन में कॉल रिकॉर्डिंग नहीं कर पाएंगे। बता दें कि Xiaomi, Samsung और गूगल पिक्सल स्मार्टफोन में इनबिल्ड कॉल रिकॉर्डिंग फीचर मौजूद रहते हैं।