Shehbaz-shariff
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    नई दिल्ली. जहाँ एक तरफ आर्थिक तौर पर पूरी तरह पाकिस्तान (Pakistan) से टूट चूका है। लेकिन गाहे बगाहे उसने फिर कश्मीर (Kashmir) का राग अलापा है। हालाँकि इस बार इस बार पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shahbaj Shariff) इसका जरिया बने हैं। उन्होंने देश के नाम एक संबोधन दौरान कश्मीर से हटाए गए अनुच्छेद 370 के फैसले को रद्द करने पर भारत सरकार से भी विचार करने की बात कही है।

    दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि, एशिया में शांति के प्रसार के लिए, बीते 5 अगस्त 2019 के एकतरफा और अवैध निर्णय को रद्द करना अब भारत की ही जिम्मेदारी है, ताकि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को बातचीत से सुलझाया जा सके। पता हो कि कि 5 अगस्त 2019 को, भारत की संसद ने जम्मू और कश्मीर को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत दी गई विशेष स्वायत्तता को रद्द करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव के पक्ष में ही मतदान किया था।

    आर्थिक तौर पाकिस्तान की टूटी कमर 

    गौरतलब है कि, पाकिस्तान में पहले से महंगाई से भयंकर हाहाकार है, वहीं पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल प्रति लीटर 30 रुपये तक महंगा हुआ है। ऐसे में यहां एक लीटर पेट्रोल 179।86 रुपये तो वहीं डीजल 174।15 रुपये में बिक रहा है। इसी तरह पाक में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल के बाद दैनिक चीजों के दामों पर भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है यहां और तेजी से महंगाई बढ़ने के भी आसार हैं। हालांकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 28 अरब रुपये के राहत पैकेज देने की भी घोषणा की है। 

    इमरान पाक की शहबाज सरकार के खिलाफ मोर्चा

    यह भी पता हो कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव के जरिये सांविधानिक रूप से जहाँ पद से हटाया गया है, वहीं पाकिस्तान की सियासत में एक भी पल शांति का नहीं रहा है। अब तो खुद इमरान भी लगातार सरकार के खिलाफ अपना मोर्चा खोले हुए हैं। इन सबके बीच उन्होंने भारत की  मोद्दी सरकार की भी जी खोलकर तारीफ की है।