4 सप्ताह में प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के निर्देश, सांसद ने लोकसभा में उठाया पानी का मुद्दा

  • महाराष्ट्र जलसंपत्ति नियमन प्राधिकरण ने दिखाई गंभीरता

औरंगाबाद. औरंगाबाद के सांसद इम्तियाज जलील ने हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा अधिवेशन में औरंगाबाद को पेयजल आपूर्ति करनेवाले जायकवाडी बांध ओवरफ्लो होने के बावजूद शहर के नागरिकों को सप्ताह में एक बार पेयजल आपूर्ति करने को लेकर प्रश्न उपस्थित किया था.

उसकी गंभीर दखल महाराष्ट्र जलसंपत्ति नियमन प्राधिकरण ने लेकर औरंगाबाद के जिलाधिकारी, मनपा कमिश्नर, कार्यकारी संचालक गोदावरी मराठवाडा सिंचाई विकास महामंडल औरंगाबाद को आगामी 4 सप्ताह में प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के निर्देश दिए.

पेयजल आपूर्ति की समस्या काफी गंभीर : सांसद जलील 

जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि राज्य के जलसंपत्ति का नियमन करना, आसान और न्याय का विश्वास, पानी का समान और शाश्वत व्यवस्थापन, जलसंपत्ति का वितरण और उपयोग करना, कृषि, औद्योगिक, पेय और अन्य कारणों के लिए पानी का दाम निश्चित करने के अधिकार महाराष्ट्र जलसंपत्ति नियमन प्राधिकरण को है. सांसद जलील ने लोकसभा में उपस्थित किए प्रश्न में कहा था कि औरंगाबाद शहर की पेयजल आपूर्ति की समस्या काफी गंभीर है. नागरिकों को पीने का पानी देना यह मनपा प्रशासन का कर्तव्य है. 

प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के निर्देश 

साथ ही प्राधिकरण ने 22 सितंबर 2017 को एजेंसी द्वारा घरेलू तथा औद्योगिक इस्तेमाल के हक के पेयजल वितरण को लेकर जाहिर किए निकषों का उल्लघंन करने का उल्लेख किया है. इस मामले में सांसद जलील ने उपस्थित किए प्रश्नों की महाराष्ट्र जलनसंपत्ति नियमन प्राधिकरण ने गंभीर दखल लेकर जिलाधिकारी औरंगाबाद, कमिश्नर महानगर पालिका  और कार्यकारी संचालक गोदावरी मराठवाडा पाटबंधारे विकास महामंडल को 23 नवंबर 2020 के पूर्व प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के निर्देश दिए है.