ब्यूटीफुल दिखने के लिए नेचुरल तरीके से कराएं मेकअप: पायल वंधारे

    घर में शादी-पार्टी हो या कोई दूसरा प्रोग्राम, ब्यूटीफुल दिखना किसे अच्छा नहीं लगता! खुद को बेहतर दिखाने में मेकअप बहुत बड़ा रोल अदा करता है लेकिन इसके यूज को लेकर ज्यादातर महिलाएं असमंजस में रहती हैं। इन प्रॉब्लम का सोल्यूशन ब्यूटीशियन के पास रहता है। वे अपने रिसर्च और नॉलेज से व्यक्ति की सुंदरता को नेचुरल तरीके से इस तरह निखारते हैं कि देखने वाला दंग रह जाता है।

    चेहरे पर झुर्रियां हों या ब्लैक स्पॉट या फिर बालों की समस्या हो, अब एक ही जगह पर यानी ‘प्राइम एक्सोटिका सैलून’ में आपको सभी समस्याओं का समाधान मिल जाएगा। सैलून की संचालिक पायल वंधारे ने ब्यूटी के कुछ सीक्रेट शेयर किए हैं जो आपके बहुत काम आएंगे।

    ‘प्राइम एक्सोटिका सैलून’ की संचालिका पायल वंधारे पेशे से ब्यूटीशियन और हेयर एक्सपर्ट्स हैं। वे अपने सैलून में हेयर और स्किन से जुड़ी कई तरह की प्रॉब्लम का सोल्यूशन देती हैं। साथ ही वे हेल्थ और खान-पान के प्रति भी सजग करती हैं क्योंकि किसी भी प्रॉब्लम की वजह कोई एक नहीं होती, उसके अलग-अलग कारण होते हैं जिन्हें समझना जरूरी है। वंधारे यह काम करीब 8 वर्षों से कर रही हैं जिससे लोगों का विश्वास उनके प्रति बना हुआ है।

    ड्राई बालों से परेशान महिलाओं को क्या करना चाहिए?

    स्मूथ और घने बालों के लिए आप क्या-क्या नहीं ट्राई करती हैं! अगर आप भी रफ और ड्राई बालों से परेशान हैं तो आपको अब तक केराटिन ट्रीटमेंट की सलाह तो मिल ही गई होगी। कभी आपकी कोई दोस्त इसे ट्राई करने के लिए कहेगी तो कभी आपके सैलून में आपको केराटिन ट्रीटमेंट कराने की सलाह मिलेगी। ऐसे में इसे लेकर मन में कई तरह का कंफ्यूजन भी रहता है। हमारे सैलून में इन्हीं प्रॉब्लम का सोल्यूशन दिया जाता है, ताकि यह समस्या जड़ से खत्म हो सके।

    केराटिन ट्रीटमेंट लेने से पहले क्या करना चाहिए?

    केराटिन ट्रीटमेंट के लिए सैलून जाने से पहले यह जान लें कि यह आपके लिए जरूरी है या नहीं। जरूरी नहीं है कि अगर आपकी बेस्टफ्रेंट को यह पसंद आया है तो आपको भी यह सूट करे। यह फिजी और ड्राई बालों पर ज्यादा सूट करता है, वहीं स्ट्रेट बालों पर यह कम सूट करता है। ट्रीटमेंट कराने से पहले अलग-अलग लोगों की राय लें जिन्होंने यह ट्रीटमेंट कराया है। आप इंटरनेट पर भी लोगों के अनुभव पढ़ सकती हैं।

    आखिर क्या है केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट?

    केराटिन हमारे बालों में मौजूद नेचुरल प्रोटीन होता है और इसी कॉम्पोनेंट की वजह से हमारे बालों में चमक दिखाई पड़ती है। हालांकि लगातर धूप, पोल्यूशन और केमिकल्स के संपर्क में आने की वजह से बालों में मौजूद प्रोटीन कम होने लगता है और हमारे बाल ड्राई और डैमेज हो जाते हैं। लिहाजा बालों के नेचुरल प्रोटीन को फिर से रीस्टोर करने के ट्रीटमेंट को ही ‘केराटिन प्रोटीन ट्रीटमेंट’ कहा जाता है। इसमें बालों में आर्टिफिशल केराटिन डाला जाता है ताकि आपके बाल स्मूथ और शाइनी हो जाएं। इन दिनों यह ट्रीटमेंट काफी फेमस भी हो रहा है।

    स्किन को डैमेज होने से कैसे बचाएं?

    गर्मी के मौसम में अधिकांश लोग, जो अपनी त्वचा का ख्याल रखते हैं, चेहरा ढककर निकलते हैं। पुरुष गमछा लेते हैं, जबकि लड़कियां-युवतियां स्टोल का उपयोग करती हैं। लेकिन ध्यान रहे कि सफेद गमछा या स्टोल ही लें, रंगीन नहीं। सफेद रंग में धूप को सोखने की क्षमता है, किसी दूसरे रंग में नहीं। रंगीन गमछा या स्टोल चेहरे पर धूप तो नहीं लगने देगा, लेकिन उससे त्वचा तक ज्यादा गर्मी पहुंचती है। सफेद सूती कपड़े से चेहरे पर धूप का असर कम से कम होता है।

    गर्मी के मौसम में चेहरे या शरीर का जो अंग खुला रहता है, उसकी त्वचा का रंग काला होने लगता है। ऐसे में खीरा, टमाटर व गाजर के साथ थोड़ा कच्चा पपीता कद्दूकस कर लें, इसके लेप को चेहरे, गर्दन व हाथ पर लगाएं। 10 मिनट तक रखने के बाद ठंडे पानी से धो लें। यह पैक एक-दो दिन बाद अवश्य लगाना चाहिए। सप्ताह में कम से कम 2 दिन दही और जौ का आटा लगाने से झाईं व चेहरे का दाग दूर होता है।

    हेयर ओर स्किन के लिए अच्छे प्रोडक्ट का चुनाव कैसे करें?

    महिला हो या पुरुष, खुद को सुंदर दिखाने का चलन हमेशा से रहा है। आजकल बाजार में नामी कंपनियों जैसे लैक्मे, ओले, गॉर्नियर, शहनाज आदि के कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स मौजूद हैं। कपंनियां लंबे रिसर्च व जांच-पड़ताल के बाद इन्हें बाजार में लाती हैं, इसलिए उपभोक्ता इन पर विश्वास करके प्रोडक्ट्स खरीदते हैं। जैसे ही ये प्रोडक्ट्स मार्केट में आते हैं, इनकी नकल भी आ जाती है और पूरी जानकारी न होने तथा कम कीमत के लालच में इनका कारोबार चल निकलता है।

    इसका नतीजा इस्तेमाल करने वालों को भुगतना पड़ता है क्योंकि कम कीमत में तैयार नकली कॉस्मेटिक्स में हानिकारक केमिकल्स मिले होते हैं। इससे चेहरे, आंखों, बालों सहित शरीर के अन्य अंगों पर भी दुष्प्रभाव पड़ सकता है। इस परेशानी से बचने के लिए असली व नकली प्रोडक्ट्स की पहचान होना जरूरी है।