भंडारा में पूरे एक सप्ताह रहेंगी सराफा दूकान बंद

  • सराफा एसोसिएशन ने लिया फैसला

भंडारा. जिले में जिस तेजी के रफ्तार से कोरोना संक्रमितों के मामले बढ़ रहे हैं. सारी मृत्यु का आंकड़ा भी बढ़ रहा है. उससे जनजीवन में दहशत है. इसी स्थिति के मद्देनजर रखते स्वयं व्यापारी संगठन प्रशासन से लॉकडाउन लगाने की मांग कर रहे हैं. वहीं प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है.

इस पर समाधान खोजते हुए भंडारा शहर के स्थानीय सराफा एसोसिएशन ने फैसला किया है कि वह 27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक सराफा दूकानों को बंद रखेगा. पूरे जिले में इस फैसले की प्रशंसा हो रही है.

इस संबंध में सराफा एसोसिएशन पदाधिकारियों ने आपातकालीन मीटिंग बुलाई एवं उसमें इस मुद्दे पर चर्चा की गई. पदाधिकारियों ने कहा कि मौजूदा हालात में सर्वप्रथम प्राथमिकता स्वयं एवं स्वयं के परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की देखभाल को देनी चाहिए.

किसी भी संकट से दूर रहना चाहिए. व्यापारी एवं ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखना चाहिए. इस लंबे मंथन के बाद पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि सराफा एसोसिएशन पदाधिकारी एवं सदस्यों द्वारा संचालित सभी सराफा प्रतिष्ठान 27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक बंद रखे जाएंगे.

बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन अध्यक्ष चंद्रशेखर रोकडे ने की. बैठक में नितिन सोनी, तुषार कालेबांधे, प्रशांत माटूरकर, मीनल जैन, पंकज ढूंढने अनिल मस्के,ज्ञानेश्वर रोकड़े कांचन कावले, विशाल ढोमने, धर्मेंद्र माटूरकर आदि का समावेश था.