अवैध रेत यातायात पर प्रशासन की चुप्पी

माजरी. भद्रावती तहसील के दर्जनों रेती घाटो पर अवैध रेत तस्करों का साम्राज्य स्थापित है. प्राकृतिक सरंक्षण के नाम पर सभी रेत घाटो को नीलामी ना कराना यह तस्करियों के लिए वरदान साबित हो रहा है. शिकायत के बावजुद महसुल व पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे बैठी है. 

भद्रावती तहसील के कोंडा गांव, पलसगांव, चालबर्डी, देऊलवाड़ा, माजरी के शिरना नाला, रालेगांव,मनगांव, पाटाला आदि सभी घाटो से प्रतिदिन सैकड़ो ब्रास रेती बड़े पैमाने पर तस्करी की जा रही है. स्थानीय ग्रामीणों द्वारा माजरी, भद्रावती थानेदार समेत तहसीलदार को फोन करने पर भी कार्रवाई करने में टालमटोल कीया जा रहा है. रेत तस्करीयों पर लगाम लगाने में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है.  

भद्रावती थाना क्षेत्र के देऊलवाड़ा और कोंडा घाट से प्रतिदिन सैकड़ो ब्रास रेत की चोरी हो रही है. मार्ग से गुजरते हुए कुछ सामाजिक कार्यक्रताओं ने रविवार शाम को भद्रावती थानेदार से संपर्क कर अवैध रेत यातायात की  जानकारी दी गई. थानेदार ने जिम्मेदारी से पिछा छुडाते हुए यह कार्य तहसीलदार का होने की बात कही. इस संदर्भ में तहसीलदार शितोडे से संपर्क करने पर उन्होने फोन रिसीव्ह करना मुनासिब नही समझा. रेततस्करी की सूचना कोतवाल अजय मेश्राम को देने पर नायब तहसीलदार से संपर्क कर देऊलवाडा के घाट पर कार्रवाई करते हुए टैक्टर क्रमांक एमएच 34 एपी 0682 को जब्त कर तहसील कार्यालय में खडा किया. 

रेत माफियाओं पर कारवाही करने का अधिकार महसुल विभाग का है. जब महसुल विभाग रिपोर्ट करने के बाद कार्रवाई की जायेगी. पुलिस को सीधे रेत तस्करीयों पर कारवाही करने का आदेश नही है. – सुनील सिंह पवार, थानेदार, भद्रावती पुलिस स्टेशन