अतिक्रमणधारकों ने दी वनपरिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय पर दस्तक

  • वनाधिकार के कायमस्वरूपी पट्टे देने की मांग

गडचिरोली. अतिक्रमण किए गए वनजमिन के जीपीएस मशीन द्वारा गिनती कर कायम वनाधिकार के पट्टे देने की मांग को लेकर बामणी वनपरिक्षेत्र कार्यालय अंतर्गत आनेवाले गांवो के अतिक्रमण धारकों ने मंगलवार 27 अक्टूबर को आविसं के नेतृत्व में वनपरिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय पर दस्तक दी. इस समय मांगों का ज्ञापन वनपरिक्षेत्र अधिकारी गौरकार को सौंपा गया. 15 दिनों के अंतराल में गिनती को शुरूआत न होने पर बेमियादी धरणा आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है.    

तहसील के बामणी वनपरिक्षेत्र कार्यालय अंतर्गत आनेवाले ग्लासफोर्डपेठा, बामणी, वेनलाया, वेंकटापुर, बोरमपल्ली व रोमपल्ली आदि गांवों के भूमिहिन नागरिकों ने कुछ वर्ष पूर्व वनजमिन पर अतिक्रमण किया. अतिक्रमण किए गए वनजमिन पर खेती कर जिवनयापन कर रहे है. इन गांवों के अतिक्रमण धारकों ने वर्ष 2017 में वनाधिकार के दांवे पेश कर कायम स्वरूप में वनाधिकार के पट्टे मिले, इसलिए संबंधित विभाग की ओर दांवे पेश किए थे. मात्र अतिक्रमण किए गए वनजमिन के जीपीएस मशीन द्वारा गिनती नहीं की गई. जिससे वर्ष 2017 से सभी गांवों के अतिक्रमण धारकों के मामले प्रलंबित है. जिससे गांव के अतिक्रमण धारकों ने आविसं के नेते तथा पूर्व विधायक दीपक आत्राम, जिप अध्यक्ष अजय कंकडालवार के मार्गदर्शन में आविसं तहसील अध्यक्ष बानय्या जनगाम, सल्लागार रवी सल्लम इनके उपस्थिती में वनपरिक्षेत्र कार्यालय पर दस्तक देकर अतिक्रमण किए गए जमीन की जीपीएस मशीन द्वारा गिनती कर कायम पट्टे दिलाने की मांग वनपरिक्षेत्र अधिकारी गौरकर को सौंपे गए ज्ञापन में की है.

आगामी 15 दिनों के भितर वनाधिकार के पट्टे न मिलने पर कार्यालय के समक्ष बेमियादी धरणा आंदोलन करने की चेतावनी भी ज्ञापन में दी गई है. इस समय चिंना तलांडी, पोरीया तलांडी, तिरुपती चिट्याला, पूर्व ग्रापं सदस्य अजय आत्राम, पूर्व उपसरपंच वेंकटस्वामी कारसपल्ली, ब्रम्हय्या कावरे, रोहन अल्लूरी, गड्डी संमय्या, बापू कुमरी, शिवराम कुमारी, कावरे किष्टय्या, राजन्ना कारसपल्ली, गोदारी सत्यम, पोचम चंद्रगिरी समेत सैंकडों अतिक्रमणधारक उपस्थित थे.