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  • जिलाधीश के राजस्व विभाग को कड़े निर्देश
  • एक्शन प्लान किया तैयार

गोंदिया. जिले में इस बार रेत घाटों की नीलामी नहीं होने से रेत तस्करों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और बेखौफ वे अपनी कारगुजारियों को अंजाम दे रहे हैं तथा शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे है. इतना ही नहीं तो राजस्व कर्मियों पर जानलेवा हमलों की घटनाओं में भी वृध्दि हो रही है. इन सब के चलते जिलाधीश ने रेत तस्करों पर अंकुश लगाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है और इसे लेकर जिलाधीश दीपककुमार मीना की उपस्थिति में बैठक ली गई. कोरोना संक्रमण व प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अनुमति मिलने में विलंब होने से जिले के 40 से अधिक रेत घाटों की नीलामी नहीं हो सकी है. जिसका लाभ तस्कर उठा रहे हैं.

जिले में तिरोड़ा, गोंदिया, सड़क अर्जुनी व आमगांव इन तहसीलों के रेत घाटों पर सबसे अधिक रेत की तस्करी की जा रही है. इस बीच रेत तस्करों ने बड़ा नेटवर्क तैयार किया है. इतना ही नहीं उनकी हिम्मत भी बढ़ गई है. जिससे कार्रवाई के लिए जाने वाले राजस्व अधिकारी व कर्मियों पर हमला करने में वे आगे-पीछे नही देखते है. इन रेत तस्करों पर कार्रवाई करने के लिए प्रशासन पर भी दबाव पड़ रहा है. इसको गंभीरता से लेकर जिलाधीश मीना ने राजस्व, उप प्रादेशिक परिवहन विभाग व संबंधित विभागों की बैठक लेकर रेत तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है. 

लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

इसमें रेत घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, गश्त बढ़ाने, विशेष दल तैयार करने, तस्करी के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों पर नजर रखकर उस वाहन मालिक की खोज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है.  इसी तरह कुछ विभाग प्रमुखों को भी रेत घाटों का औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है. जिलाधीश मीना ने रेत तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है.