पंजाब के बाद छत्तीसगढ़ में भी बढ़ा संकट, भूपेश बघेल समर्थक विधायक पहुंचे दिल्ली

    नई दिल्ली: पंजाब में कांग्रेस का संकट (Punjab Crisis) अभी समाप्त हुआ नहीं था कि, एक और कांग्रेस शासित राज्य में उठापठक शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) के करीब 12 विधायक दिल्ली पहुँच गए हैं। वह सभी केंद्रीय आलाकमान से मिलना चाहते हैं। ये सभी विधायक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) समर्थक बताएं जा रहे हैं। 

    बीते दिनों भी दिल्ली गए थे बघेल समर्थक विधायक

    यह पहला मौका नहीं है जब बघेल समर्थक विधायक दिल्ली पहुंचे हैं। बीते दिनों जब कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री तालाब किया था तो करीब 22 से ज्यादा विधायक दिल्ली पहुंच गए थे। सभी विधायकों ने भूपेश बघेल में काम करने की सहमति जताते हुए राज्य कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया से मुलाकात की थी। 

    टीएस सिंहदेव अचानक पहुंचे थे दिल्ली बीते हफ्ते टीएस सिंहदेव अचानक रायपुर से दिल्ली पहुंच गए थे। जिसके बाद फिर से सत्ता परिवर्तन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थी। हालांकि। सिंहदेव ने इस यात्रा को निजी यात्रा बताते हुए कहा था कि, वह अपनी बहन से मिलने पहुंचे आएं हैं।”

    बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच टकराव जारी

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के बीच विवाद जारी है। 2018 के विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस 67 सीट जीतकर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई थी। इस समय मुख्यमंत्री पद के लिए भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव प्रमुख उम्मीदवार थे,लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने बघेल को मुख्यमंत्री बनाया। 

    मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, दो दावों को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने दोनों के बीच ढाई-ढाई साल तक सत्ता बटवारा करने का फार्मूला बनाया था। जिसके तहत बघेल ढाई साल मुख्यमंत्री होंगे, उसके बाद टीएस सिंह देव राज्य सरकार के प्रमुख होंगे। हालांकि, ढाई साल पूरे होने के बाद बघेल ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया है। जिसके कारण दोनों नेता लगातार आमने-सामने हैं।