Article on Adani Group SC increased protection arrest to 4 journalists, Gujarat Police

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को उन चार पत्रकारों की गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा बढ़ा दी जिनको गुजरात पुलिस (Gujarat Police) ने अडाणी समूह (Adani Group) पर प्रकाशित एक लेख के संबंध में समन जारी किया था। न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय (Hrishikesh Roy) और न्यायमूर्ति संजय करोल (Sanjay Karol) की पीठ ने गुजरात सरकार (Gujarat High Court) से एक सप्ताह के भीतर उनकी याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने को कहा।

शीर्ष अदालत समन के खिलाफ रवि नायर, आनंद मंगनाले, बेंजामिन निकोलस ब्रुक पार्किन और सी नीना कोर्निश द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। नायर और मंगनाले ने अहमदाबाद अपराध शाखा द्वारा जारी समन को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें ‘ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट’ (ओसीसीआरपी) वेबसाइट पर प्रकाशित उनके लेख की प्रारंभिक जांच (पीई) के संबंध में पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया है।

नायर और मंगनाले को अक्टूबर में अपराध शाखा से नोटिस मिला, जिसमें उन्हें एक निवेशक योगेशभाई मफतलाल भंसाली की शिकायत पर शुरू की गई पीई के संबंध में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया था। अन्य याचिकाएं पार्किन और कोर्निश द्वारा दायर की गई हैं।

उन दोनों को गुजरात पुलिस ने अडाणी समूह की कंपनियों में एक निवेशक द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच के लिये समन किया था। निवेशक ने फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित ‘सीक्रेट पेपर ट्रेल रिवील्स हिडन अडाणी इन्वेस्टर्स’ शीर्षक वाले लेख को लेकर शिकायत दर्ज करायी थी। दोनों ने शीर्ष अदालत में दलील दी थी कि उन्होंने संबंधित खबर नहीं लिखी है। (एजेंसी)