Congress begins preparations for Uttar Pradesh assembly elections, Priyanka Gandhi will reach Lucknow on July 16, will hold meetings

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शाहनवाज आलम को पिछले साल दिसंबर में लखनऊ में सीएए और एनआरसी के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया और गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करके घटना की निंदा की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आलम को पिछले साल 19 दिसंबर को राजधानी लखनऊ में सीएए और एनआरसी के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में सोमवार देर रात हजरतगंज इलाके में गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि ऐसा पता चला है कि इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान आलम घटनास्थल के पास ही मौजूद थे। आलम को गिरफ्तार किए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और पार्टी विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा समेत कई नेता हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और अधिकारियों से बात की। इसी दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोतवाली परिसर में एकत्र होकर नारेबाजी की। उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां चलाईं। इसमें पार्टी युवा शाखा के महासचिव शिवम त्रिपाठी समेत कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस की कार्रवाई को दमनकारी और अलोकतांत्रिक बताया है।

उन्होंने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘‘देखिए किस तरह उत्तर प्रदेश पुलिस ने हमारे अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष को रात के अंधेरे में उठाया। पहले फर्जी आरोपों को लेकर हमारे प्रदेश अध्यक्ष को चार हफ़्ते के लिए जेल में रखा। ये पुलिसिया कार्रवाई दमनकारी और आलोकतांत्रिक है।” कांग्रेस महासचिव ने कहा “कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जनता के मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश पुलिस को दमन का औज़ार बनाकर दूसरी पार्टियों को आवाज उठाने से रोक सकती है, हमारी पार्टी को नहीं। कांग्रेस के सिपाही पुलिस की लाठियों और फर्जी मुकदमों से नहीं डरने वाले।”

इस बीच, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पार्टी आलम की गिरफ्तारी के खिलाफ आंदोलन छेड़ेगी। अगर अलोकतांत्रिक कदमों के खिलाफ आवाज उठाना गलत है, तो कांग्रेस ऐसा हजार बार करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जिस तरह से बिना कोई नोटिस दिए आलम को अचानक उनके घर से गिरफ्तार किया, वह अत्यंत निंदनीय है।