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    नयी दिल्ली. देश की शान भारतीय नौसेना का नौसेना दिवस (Indian Navy Day 2021) हर साल 4 दिसंबर को धूमधाम मनाया जाता है। जी हाँ इस दिन नौसेना के शौर्यवीरजाबाजों को याद किया जाता है। वैसे नेवी डे (Navy Day) 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना (Indian Navy) की जीत के जश्न के रूप में भी मनाया जाता है। बता दें कि पाकिस्तानी सेना द्वारा 3 दिसंबर को हमारे हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला किया था। इसी हमले ने 1971 के युद्ध की शुरुआत भी की थी। 

    तब पाकिस्तान को मुह तोड़ जवाब देने के लिए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ चलाया गया था। यह महा अभियान पाकिस्‍तानी नौसेना के कराची स्थित मुख्‍यालय को निशाने पर लेकर शुरू किया गया। तब भारतीय नौसेना ने योजनाबद्ध तरीके से एक मिसाइल नाव और दो युद्ध-पोत की एक आक्रमणकारी समूह के साथ कराची के तट पर पाकिस्तानी जहाजों के समूह पर हमला कर दिया था। इस युद्ध में पहली बार जहाज पर मार करने वाली एंटी शिप मिसाइल से भी हमला किया गया था। इस भयंकर और ताबड़तोड़ हमले में पाकिस्तान के कई जहाज नेस्‍तनाबूद और नष्ट कर दिए गए थे। इस दौरान पाकिस्तान के कई ऑयल टैंकर भी तबाह हो गए थे।

    अगले 7 दिन तक जलता रहा कराची का तेल डिपो

    जी हाँ इस आक्रमण में कराची हार्बर फ्यूल स्टोरेज के तबाह हो जाने से जैसे पाकिस्तान नौसेना की जैसे कमर ही टूट गई थी। तब पाकिस्तान स्तिथ कराची के तेल टैंकरों में लगी आग की लपटों को 60 किलोमीटर की दूरी से भी साफ़ देखा जा सकता था। यह भी पता हो कि कराची के तेल डिपो में लगी आग को अगले सात दिनों तक पाकिस्तान नहीं बुझा सका था।

    क्यों मनाते हैं नौसेना दिवस (Navy Day) 4 दिसंबर को ही?

    इसलिए नौसेना दिवस, 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में जीत हासिल करने वाली भारतीय नौसेना की शक्ति और बहादुरी को याद करते हुए पूरा देश मनाता है। गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत 4 दिसंबर, 1971 को भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के कराची नौसैनिक अड्डे पर ‘हल्ला बोल’ किया था। बस इसी शानदार और शौर्यभरे  ऑपरेशन की सफलता को ध्यान में रखते हुए देश में हर साल 4 दिसंबर को ‘नौसेना दिवस’ मनाया जाता है।

    शान और साहस से भरा रहा है भारतीय नौसेना का इतिहास

    गौरतलब है कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) हमारी भारतीय सेना का एक अभिन्न, शक्तिशाली और सामुद्रिक अंग है। इसकी स्थापना 1612 में हुई थी। इतिहास को देखें तो अखंड भारत में राज करने वाली ‘ईस्ट इंडिया कंपनी ने’ अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए East India Company’s Marine के रूप में एक छोटी सी सेना गठित की थी। जिसे बाद में रॉयल इंडियन नौसेना का नाम भी दिया गया था। बाद में भारत की आजादी के बाद साल 1950 में नौसेना का एक बार फिर गठन हुआ और इसे भारतीय नौसेना का नाम दिया गया।

    जानें भारतीय नौसेना का इतिहास, इसके नाम और इसकी ताकत से जुड़ी कुछ खास बातें 

    • भारतीय नौसेना भारत की सशस्त्र सेना की एक समुद्री शाखा है। 
    • इसका नेतृत्व नौसेना के कमांडर-इन-चीफ के रूप में भारत के राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। 
    • 17वीं शताब्दी के मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी भोंसले को भारतीय नौसेना का जनक भी माना जाता है। 
    • इंडियन नेवी के मुंबई स्थित मुख्यालय में हर वर्ष नेवी डे धूमधाम से मनाया जाता है। 
    • इस दिन नौसैनिक अपनी स्किल का प्रदर्शन कर अपना शौर्य जाहिर करते हैं। 
    • इसके साथ ही गेटवे ऑफ इंडिया बीटिंग रीट्रिट सेयरमनी का आयोजन किया जाता है। 
    • भारतीय नौसेना की ओर से किए गए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ हमले में 3 विद्युत क्‍लास मिसाइल बोट, 2 एंटी-सबमरीन और एक टैंकर शामिल हुआ था।
    • भारतीय नौसेना की स्थापना साल 1612 में हुई थी। 
    • साल 1892 में इसका नाम रॉयल इंडियन मरीन कर दिया गया।
    • भारत की आजादी के बाद 1950 में नौसेना का गठन फिर से हुआ और इसे भारतीय नौसेना नाम दिया गया था।

    ऐसी है हमारी भारतीय नौसेना की ताकत 

    • विश्व रैंकिंग:4
    • कुल जहाजों की संख्या: 285
    • एयरक्राफ्ट कैरियर- 1
    • फ्राइगेट्स- 13
    • विध्वंसक पोत- 10
    • कोर्वेट्स – 19
    • सबमरीन्स की संख्या:16
    • निगरानी जहाजों की संख्या:139
    • माइन वारफेयर – 3

    ( डाटा : www.globalfirepower.com)