सरकार चलाने की जिम्मेदारी सिर्फ शिवसेना की नहीं, उद्धव ठाकरे ने शरद पवार के सामने जताई नाराजगी

    मुंबई. तीन दलों की महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार (Maharashtra Vikas Aghadi Government) में अब अन्दुरुनी कलह तेज हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार में चल रही खींचतान को लेकर ठाकरे सरकार के किंगमेकर शरद पवार (Sharad Pawar) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) से बुधवार को वर्षा निवास पर मुलाकात की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार में शामिल दलों से मिल रही धमकियों के बाद उद्धव ने पवार को साफ तौर से कहा कि सरकार बनाने की पहल शिवसेना (Shiv Sena) के साथ एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) ने भी की थी। ऐसे में सरकार चलाने की जिम्मेदारी सिर्फ शिवसेना की नहीं है।

    पिछले कुछ दिनों से महाविकास आघाड़ी में शामिल दलों का आंतरिक विवाद खुलकर सामने आ रहा है, जिसे काबू में करने के लिए पवार को राजनीति की रिंग में उतरना पड़ा है।

    प्रमोशन में आरक्षण पर अड़ी कांग्रेस 

    सरकार के अन्दर विवाद की बड़ी वजह 7 मई को जारी जीआर है। इस जीआर के मुताबिक प्रमोशन में आरक्षण को रद्द करने का फैसला लिया गया है। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने बगावत के सुर बुलंद कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले और ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने साफ तौर से कहा है कि इस फैसले को कांग्रेस की बिना सहमति से लिया गया है। ऐसे में इसे हर हाल में रद्द करना होगा। पटोले ने साफ कर दिया है कि इस बारे में कांग्रेस किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। कांग्रेस के इस उग्र तेवर को देख मुख्यमंत्री ठाकरे नाराज़ हैं, उनका मानना है कि सरकार के अन्दर किसी भी विवाद को मिलकर सुलझाया जाना चाहिए, जबकि कांग्रेस नेता खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। पटोले ने तो यहां तक कह दिया है कि महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार कांग्रेस पर टिकी है। कांग्रेस नेताओं के इस कड़े तेवर से सरकार के अन्दर संकट खड़ा हो गया है।

    सरकार पर संकट नहीं 

    शिवसेना सांसद संजय राउत ने सरकार में किसी भी तरह के संकट से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार में शिवसेना नाराज नहीं है। राउत ने कहा कि बुधवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और शरद पवार के बीच कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि पवार ने इस सरकार को अपना पूरा आशीर्वाद दिया है और यह सरकार 5 साल तक चलेगी। 

    राउत के दावों में दम नहीं 

    संजय राउत भले ही सरकार के अन्दर संकट से इंकार कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे हैं। प्रमोशन में आरक्षण रद्द करने के खिलाफ कांग्रेस ने अपनी म्यान से तलवार निकाल ली है और यदि इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो सरकार में शामिल दलों के बीच जंग को कोई टाल नहीं सकता है। 

    उपमुख्यमंत्री पवार की नाक का सवाल 

    प्रमोशन में आरक्षण को रद्द किए जाने का फैसला उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया है। ऐसे में वे इस फैसले को वापस लेने के मूड में नहीं हैं, जबकि दूसरी ओर ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने पवार को ओपन चैलेंज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि 7 मई की जीआर को हर हाल में रद्द करना ही होगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अपने गरम तेवर के लिए मशहूर अजीत पवार किस तरह से समझौता करते हैं।