Letter Bomb: Home Minister Anil Desjmukh, Maharashtra Govt, Bombay High Court, Advocates
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    मुंबई. महाराष्ट्र में मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर के बाहर विस्फोटक से भरी स्कार्पियो रखने के मामले के बीच पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह  (Former Mumbai Police Commissioner Parambir Singh) के पत्र (Letter) पर राज्य में बवाल मचा हुआ है। जिसको लेकर विपक्ष (Opposition) ने आक्रामक रुख अख्तियार किया है। जिसको देखते हुए गृहमंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) को पद से हटाया जाना तय माना जा रहा है। इस संदर्भ में एनसीपी (NCP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से चर्चा के बाद सोमवार को फैसला ले सकते हैं।

    पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के पत्र को लेकर भाजपा, मनसे सहित अन्य दलों के आक्रामक रुख अख्तियार करने से सरकार के घटक दल बैकफुट पर हैं। शिवसेना नेता संजय राउत ने सरकार में शामिल लोगों ने आत्मचिंतन करने के लिए कहा है, वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भले ही पत्र को लेकर परमबीर सिंह पर सवाल उठाया है, लेकिन इस बात को स्वीकार किया है कि गृहमंत्री अनिल देशमुख पर लगे आरोप गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री को फैसला लेने का अधिकार है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे एवं अन्य सहयोगियों से विचार विमर्श कर निर्णय लिया जायेगा।

    फडणवीस ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए

    पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधान सभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गृहमंत्री अनिल देशमुख के पद पर रहते जांच संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़े पैमाने पर लेन-देन एवं वसूली मामले को लेकर इस सरकार में यह पहला पत्र नहीं है। इसके पहले पुलिस महानिदेशक रहे सुबोध कुमार जायसवाल ने रिपोर्ट सरकार को दी थी। लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने पर वे केंद्र में डेपुटेशन पर चले गए। फडणवीस ने कहा कि यह कैसे संभव है कि पुलिस महकमे में चल रही गतिविधियों की जानकारी मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को नहीं हो। जब तक गृहमंत्री को हटाया नहीं  जाएगा एवं पूरे मामले की जांच नहीं  होगी भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा।

    गठबंधन के सहयोगियों को आत्म मंथन की जरूरत : संजय राउत 

      शिवसेना के सांसद संजय राउत  ने कहा है कि सचिन वझे  और परमबीर सिंह के मामले में राज्य सरकार पर लगातार आरोप लग रहे हैं। इसलिए अब सरकार के मंत्रियों के अपने पैर जमीन पर है या नहीं ये देखने की जरूरत है। सरकार में सभी पर आत्मपरीक्षण करने का समय आ चुका है।उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग हर सरकार की रीढ़  की हड्डी होती है। यही सरकार को मजबूत बना कर रखती है पर फिलहाल जो परिस्थिति हैं, उसे देखते हुए लगता है कि जल्द ही परिस्थितियों में सुधार करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सरकार के माध्यम से अच्छे काम करने का प्रयास कर रहे हैं। मगर कुछ अधिकारियों के हाथों से कुछ ऐसे काम हो गए हैं, जिसके बाद सभी पर नजर रखने की जरूरत पड़ने लगी है।

    जांच होनी जरुरी : मनसे प्रमुख राज ठाकरे

    मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने इस प्रकरण को लेकर सीधे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर हमला किया है। राज ठाकरे ने कहा है कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराए जाने पर बहुत से पटाखे फूटेंगे। मनसे प्रमुख ने कहा है कि गृहमंत्री ने एक पुलिस कमिश्नर से हर महीने 100 करोड़ रुपए मांगे। यह आरोप पुलिस कमिश्नर का है। यह राज्य का ही नहीं, बल्कि देश का पहला मामला है। जो शर्मनाक है। यदि गृहमंत्री ने केवल मुंबई पुलिस कमिश्नर से 100 करोड़ रुपए मांगे हैं तो अन्य पुलिस आयुक्त से कितना मांगे होंगे। इसकी जांच होनी जरुरी है। 

    राज्यपाल से मिलेंगे प्रकाश आंबेडकर

    वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने इस मामले में राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलने की बात कही है, जबकि केंद्रीय सामाज कल्याण राज्यमंत्री एवं आरपीआई नेता रामदास आठवले ने उद्धव सरकार को ही बर्खास्त करने की मांग की है।