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    सनातन धर्म में आए दिन कई त्यौहार मनाए जाते हैं। जहां हर महीने में दो बार एकादशी तिथि आती है। एक एकादशी शुक्लपक्ष को पड़ती है और दूसरी कृ्ष्ण पक्ष की ग्याहरवीं तिथि को। एकादशी के दिन कई लोग व्रत भी रखते हैं। एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इसका धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। ऐसे में हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह में कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखकर सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलने की कामना करते हैं। इस साल पापमोचिनी एकादशी आज यानी 9 अप्रैल को है। 

    शुभ मुहूर्त-

    ‘पापमोचनी एकादशी’ व्रत पारण मुहूर्त

    • एकादशी तिथि आरंभ- 07 अप्रैल 2021 रात्रि 02 बजकर 09 मिनट से
    • एकादशी तिथि समाप्त- 08 अप्रैल 2021 रात्रि 02 बजकर 28 मिनट पर

    हरिवासर समाप्ति

    • समय- 08 अप्रैल को सुबह 08 बजकर 40 मिनट पर
    • एकादशी व्रत पारण समय- 08 अप्रैल को दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से शाम 04 बजकर 11 मिनट तक  

    एकादशी के दिन न करें-

    • एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से अगला जन्म रेंगने वाले प्राणी के रूप में होता है। 
    • एकादशी तिथि के दिन मांस-मछली और मदिरापान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। बल्कि जो व्यक्ति व्रत रखने जा रहा है तो उसे दशमी तिथि के दिन भी इन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही लहसुन, प्याज, गाजर, मूली, शलजम, गोभी, पालक एवं मसूर की दाल भी इस दिन नहीं खाना चाहिए। 
    • एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इस दिन खान-पान और व्यवहार में संयम और सात्विकता का पालन करना चाहिए।
    • एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और शाम के समय में बिलकुल नहीं सोना चाहिए। साथ ही इस दिन भूलकर भी किसी के ऊपर क्रोध न करें और न ही झूठ बोलें। 
    • एकादशी के दिन पति-पत्नी को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। साथ ही इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को दातून नहीं करना चाहिए और किसी भी पेड़ की टहनी या पत्ता न तोड़ें।