75 दिन बाद पवार को ST हड़ताल पर बात करने का समय मिला

    महाराष्ट्र के सबसे वरिष्ठ और दिग्गज नेता तथा महाविकास आघाड़ी सरकार के मार्गदर्शक शरद पवार को एसटी हड़ताल के 75 दिन बीत जाने पर बात करने का समय मिला. यदि वे पहले ही प्रभावी हस्तक्षेप करते तो शायद यह मसला काफी पहले सुलझा सकता था. इस दौरान 1926 कर्मचारी सेवा से बर्खास्त किए गए तथा 11024 निलंबित किए गए. कृति समिति से हटाए गए एड. मुणाल समावर्ते ने कहा कि 67 एसटी कर्मचारियों ने आत्महत्या की. इस बारे में शरद पवार ने एक शब्द भी नहीं कहा. 

    आगे कोई मृत्यु हुई तो इसके लिए पवार जिम्मेदार होंगे. पवार के साथ परिवहन मंत्री अनिल परब और 22 कामगार संगठनों की कृति समिति के सदस्यों की बैठक हुई जो सकारात्मक रही. समिति ने पवार की मध्यस्थता व आश्वासनों पर भरोसा जताया. कृति समिति सदस्यों का कहना था कि एनसीपी अध्यक्ष की मध्यस्थता से हुई बैठक में उनकी शंकाओं का समाधान किया गया. कुछ सुविधाएं दी गई हैं 7वें वेतन आयोग की मांग पर आश्वासन मिला है. एसटी कर्मचारियों को वेतनवृद्धि की मांग पर आश्वासन मिला है. 

    एसटी कर्मचारियों की वेतनवृद्धि में जो त्रुटि है, उसे दूर करने का आश्वासन दिया गया है. पवार ने एसटी कर्मियों से अपील की कि वे पहले काम पर लौट आए. उनकी सारी मांगें पूरी कर दी जाएंगी. कृति समिति ने कर्मचारियों की समस्याओं से सरकार को अवगत करा दिया है. परिवहन मंत्री परब ने कहा कि जिन कर्मचारियों का निलंबन नहीं हुआ है, ऐसे काम पर हाजिर होने वाले ऐसे किसी भी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं की जाएगी. 

    जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया, उनके बारे में हड़ताल खत्म होने पर निर्णय लिया जाएगा. एसटी कर्मियों को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन देने पर चर्चा की जाएगी. परब ने कहा कि विलीनीकरण के मुद्दे पर गठित समिति 12 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी जिसका समाधान कर्मचारियों व सरकार दोनों के लिए बंधनकारक रहेगा. समिति के आकड़ों का अध्ययन कर एसटी सेवाएं शुरू होने के बाद वेतन जारी किया जाएगा.