Prime Minister Narendra Modi praised Manmohan Singh

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पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, एक गीत है- ना-ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे, थोड़ा सा इनकार मगर इकरार तुम्हीं से कर बैठे! कुछ इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राज्यसभा में पूर्व पीएम डा. मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) की तारीफ कर विपक्षको भी हैरान कर दिया।  मोदी ने कहा कि जब लोकतंत्र की चर्चा होगी, मनमोहन सिंह बहुत याद आएंगे। 

उन्होंने जिस तरह इस सदन और देश का मार्गदर्शन किया है, उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।  मनमोहन सिंह के विचार अनमोल रहे हैं।  अर्थशास्त्री से राजनेता बने डा।  सिंह यह जानते हुए भी कि सत्तापक्ष के पास अजेय बहुमत है, हाल ही में व्हील चेयर पर मत डालने सदन में आए थे। ’’ 

हमने कहा, ‘‘मोदी की यही शैली है।  वे राज्यसभा से रिटायर होने वाले कुछ विपक्षी नेताओं की तारीफ का पुल बांध देते हैं।  आपको याद होगा कि पिछली बार जब गुलाम नबी आजाद  राज्यसभा से रिटायर हुए थे तब भी मोदी की आंखों में आंसू छलक आए थे।  उनका हृदय द्रवित हो उठा था। ’’

पड़ोसी ने कहा, ‘‘निशानेबाज यह एक कला या परफार्मिंग आर्ट है जिसमें मोदी इमोशन डाल देते हैं।  इससे भुलावने में मत आइए।  एक ओर तो उन्होंने कहा कि मनमोहन ने इकोनॉमी को फास्ट ट्रैक पर दौड़ाया वहीं मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में श्वेत पत्र जारी करते हुए कहा कि मनमोहन सरकार का 10 वर्ष का कार्यकाल घोटालों से भरा रहा जिसमें देश को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।  अर्थव्यवस्था को लूटा जाता रहा। ’’

हमने कहा, ‘‘इसे ही राजनीति कहते हैं।  एक हाथ से पुचकारो और दूसरे से थप्पड़ मारो।  मोदी ने सराहा तो निर्मला ने दुत्कारा।  इस अंदाज को देखकर कहा जा सकता है- हमीं से मोहब्बत, हमीं से लड़ाईं, अरे मार डाला दुहाई दुहाई।  मोदी के निशाने पर कांग्रेस उसी तरह रहती है जैसे अर्जुन के निशाने पर चिड़िया की आंख! उन्होंने ब्लैक पेपर के लिए कांग्रेस और मल्लिकार्जुन खड़गे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश की समृद्धि को नजर न लगे, इसके लिए काला टीका बहुत जरूरी होता है।  देश पिछले 10 वर्षों में समृद्धि के नए-नए शिखरों पर पहुंचा है।  उसको नजर न लग जाए, इसलिए काला टीका लगाने का प्रयास हुआ है। ’’