David Warner Wicket

    -विनय कुमार

    UAE में खेले जा रहे T20 World Cup के खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड बीच (Australia vs New Zealand T20 World Cup Final 2021) भिड़ंत होगी। T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में एक नया बाज़ीगर का नाम दर्ज होगा। इस ताज़ा वर्ल्ड कप में जहां पहले सेमीफाइनल मैच में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को (England vs New Zealand Semifinal T20 World Cup) शिकस्त दी, वहीं बीते गुरूवार, 11 नवंबर की रात दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को बेहद रोमांचक मैच में धूल चटाई और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। गौरतलब है कि, दोनों देशों को ICC T20 World Cup के इतिहास में अभी भी पहली ट्रॉफी का इंतजार है। हालांकि, इस वर्ल्ड कप के दोनों सेमीफाइनल मैचों में हारने वाली टीमों ने  16वें ओवर तक जबरदस्त दबदबा बनाकर रखा था, लेकिन दोनों ही जीतने वाली टीमों ने एक ओवर पहले लक्ष्य पर अपना झंडा गाड़ दिया और फाइनल में जगह बना ली।

    दुबई के मैदान पर बीते गुरुवार, यानी कल खेले गये दूसरे सेमीफाइनल मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रनों का बड़ा   स्कोर खड़ा किया और ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 177 रनों का विशाल लक्ष्य दिए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 96 रन पर अपने 5 विकेट खो दिये। तब पूरी तरह से मैच पाकिस्तान की मुट्ठी में आने लगी थी। लेकिन, तभी मार्कस स्टॉयनिस (Marcus Stoinis) और मैथ्यू वेड (Mathew Wade) ने पारी को संभाला और छठे विकेट के लिये नाबाद 81 रनों की बेहतरीन पार्टनरशिप की और एक ओवर रहते पाकिस्तान को धूल चटा जीत हासिल कर ली।

    शादाब खान ने उड़ाया वॉर्नर का विकेट

    ऑस्ट्रेलिया की तरफ से इस मैच में मैथ्यू वेड ने 40 और मार्कस स्टॉयनिस ने 41 रनों की नाबाद पारियां खेलकर पाकिस्तान को तगड़ी शिकस्त दी। लेकिन, इस मैच में पटरी से उतर चुकी ऑस्ट्रेलिया की टीम को डेविड वॉर्नर ने शुरुआत में ही हाथों से मैच फिसलने से रोका। जब ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी करते हुए पहले ही ओवर में कप्तान एरॉन फिंच(Aaron Finch)  का विकेट शून्य पर गंवा दिया, ऐसे समय पर  डेविड वॉर्नर ने मार्कस स्टॉयनिस ने पारी को संभाला और दूसरे विकेट के लिये 51 रनों की बढ़िया पार्टनरशिप की। यहां से अकिस्तान के घातक गेंदबाज शादाब खान (Shadab Khan) ने विकेट चटकाने शुरू किया, लेकिन दूसरे छोर पर मौजूद डेविड वॉर्नर (David Warner) ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी जारी रखी।

    वॉर्नर ने 30 गेंदों में 49 रनों की पारी खेली, जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 10 ओवर में 89 रनों बना लिये और मैच में डटी रही। हालांकि 11वें ओवर की पहली गेंद में शादाब खान ने उन्हें मोहम्मद रिजवान (Mohammed Rizwan) के हाथों कैच कराकर आउट करा दिया। लेकिन, उस शॉट का जब रिप्ले देखा गया तो मालूम पड़ा गेंद डेविड वॉर्नर के बल्ले से लगी ही नहीं थी, इसके बावजूद अंपायर ने उन्हें आउट दे दिया था। ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब गेंद बल्ले का किनारा लेकर निकलती है तो बल्लेबाज को जरूर पता चल जाता है। और, जब डेविड वॉर्नर के बल्ले में गेंद लगी ही नहीं तो उन्होंने DRS क्यों नहीं लिया ?

    मैथ्यू वेड ने बताया डेविड वॉर्नर ने इसलिए नहीं लिया DRS

    इस सवाल का जवाब ऑस्ट्रेलिया की जीत के महानायक रहे मैथ्यू वेड (Mathew Wade) ने दिया। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों डेविड वॉर्नर ने DRS का फैसला नहीं लिया। 11वें ओवर की पहली गेंद पर जैसे ही गेंद वॉर्नर के बल्ले के पास से निकली शादाब खान (Shadab Khan) और विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान (Mohammed Rizwan) ने जोर से आऊट की अपील की और अंपायर ने भी आउट करार देते उंगली खड़ी कर दी। डेविड वॉर्नर उस वक्त तक शैडो प्रैक्टिस कर रहे थे और आउट करार दिये जाने के बाद उन्होंने अपने साथी बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell)  की तरफ देखा और वापस पवेलियन की तरफ बढ़ गए। एक्शन रिप्ले में न तो अल्ट्रा एज में कुछ दिखा, बल्ले और गेंद के बीच बड़ा गैप भी था। 

    डेविड वॉर्नर अपनी हाफ सेंचुरी ठोकने से चूक गए। मैथ्यू वेड ने कहा, “ये बिल्कुल सच है कि हमारी इस मामले में ज्यादा बात नहीं हो सकी है। बस चलते-चलते 2-4 बात हुई। मेरे मुताबिक, वहां एक आवाज सुनी गई थी, लेकिन वो इस बारे में विश्वस्त थे कि यह उनके बल्ले का हैंडल था या फिर उनका हाथ उनके बल्ले पर लगा था। उन्हें लगा था कि बल्ले का किनारा नहीं लगा है। लेकिन, पिच की दूसरी छोर पर खड़े ग्लेन (Glenn Maxwell) ने भी एक आवाज सुनी थी, जिसके कारण वॉर्नर को लगा कि इतनी दूर आवाज तभी जा सकती है जब गेंद बल्ले का किनारा छूकर निकली हो।”

    मैथ्यू वेड ने आगे कहा कि ऐसी परिस्थितियों में यह निश्चय करना बहुत कठिन होता है कि गेंद उनके बल्ले से लगकर गई या नहीं गई। उन्होंने कहा, “दूसरी छोर पर खड़े ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) ने भी कोई आवाज सुनी थी। अगर दूसरे छोर पर खड़ा  उनका जोड़ीदार खिलाड़ी साथ देता है तो आपको लगता है कि आप DRS की मांग करें। लेकिन जब मैक्सी वहां थे, तो उन्होंने भी एक आवाज सुनी थी। ऐसे में वॉर्नर (David Warner) ने सोचा कि उन्हें DRS नहीं लेना चाहिए।”