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    विनय कुमार

    नयी दिल्ली. संभावनाओं के खेल क्रिकेट के मैदान पर न जाने कितने रिकॉर्ड्स बने और वक्त के साथ उन रिकॉर्ड्स को तोड़ने वाले सूरमा भी आए और नए कीर्तिमान रचते चले जा रहे हैं। लेकिन, टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा कीर्तिमान भी है, जिसे तोड़ पाना असम्भव है। हां, हो सकता है कोई बराबरी भले कर ले।  ये है एक अनोखा रिकॉर्ड। अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के एक मैच की दोनों पारियों में विकेटों की हैट्रिक का कीर्तिमान। 

    टेस्ट क्रिकेट का इतिहास इस बात की तस्दीक करता है कि यह कीर्तिमान ऑस्ट्रेलिया के भूतपूर्व लेग स्पिनर जिमी मैथ्यूज (Jimmy Matthews Leg Spinner) ने हासिल किया था। जिमी  का यह अमर कीर्तिमान 109 सालों से आज तक भी बना हुआ है। किसी ने बराबरी तक नहीं की।

    टेस्ट मैच की दोनों पारियों में हैट्रिक चटकाने वाले एकमात्र गेंदबाज

    इतिहास बताता है कि जिमी मैथ्यूज (Jimmy Matthews) ने 1912 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ (Australia vs South Africa, Test Match) खेले गए टेस्ट मैच में यह हैरतंगेज करिश्मा किया था। गौरताब है कि, मैथ्यूज को इंग्लैंड के दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम में शामिल किया गया था। ऑस्ट्रेलिया की टीम को इंग्लैंड में त्रिकोणीय टेस्ट सीरीज (Triangular Test Series) खेलनी थी। इसी टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच मैनचेस्टर के मैदान में खेले गए टेस्ट मैच में मैथ्यूज ने वो अजेय कीर्तिमान रचा था। जिसकी बराबरी करना असंभव तो नहीं, लेकिन आसान भी नहीं है।

    मैथ्यूज ने उस ऐतिहासिक मुकाबले में 6 विकेट लिए थे। और उन सभी विकेट में उनकी अकेले की भूमिका थी। किसी भी फील्डर ने गेंद नहीं पकड़ी थी। बल्कि, उन्होंने उन 6 विकेटों में से 2 क्लीन बोल्ड, 2 एलबीडब्ल्यू और 2 कैच खुद लपक कर खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा था। उन्होंने इस मैच की पहली पारी में साउथ अफ्रीका (South Africa) के आर ब्यूमोंट, एसजे पेग्लर, टीए वार्ड को आउट किया था। और, दूसरी पारी में एचडब्ल्यू टेलर (HW Taylor), आरओ श्वार्ट्ज, टीए वार्ड को चलता कर इतिहास रचा था। 

    जिमी मैथ्यूज का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर

    एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में हैट्रिक लेकर अमर और अजेय इतिहास रचने वाले खिलाड़ी मैथ्यूज का करियर बहुत लंबा नहीं था। अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में उन्होंने सिर्फ 8 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान उन्होंने कुल 16 विकेट हासिल किए।  उन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट मैच 1912 में इंग्लैंड के खिलाफ (England vs Australia Test Match, 1912 Adelaide)) एडिलेड के मैदान में खेला था और मैच 1912 में ही इंग्लैंड के ओवल (Oval) के ऐतिहासिक मैदान में। 1943 में वो दुनिया छोड़कर चले गए, लेकिन छोड़ गए एक ऐसा कीर्तिमान जो शायद ही कोई तोड़ सके, या उसकी बराबरी कर पाए।