औरंगाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में 86 फीसदी मतदान, 2 फरवरी को होगी मतगणना

    औरंगाबाद : विधान परिषद (Legislative Council) के औरंगाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (Aurangabad Teachers Constituency) के लिए सोमवार को वोट (Vote) डाले गए। देर शाम तक निर्वाचन क्षेत्र के 8 जिलों में करीब 86 प्रतिशत मतदाताओं (Voters) ने अपना मताधिकार का प्रयोग 227 मतदान केन्द्रों पर किया। औरंगाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में थे। यहां मुख्य मुकाबला महाविकास आघाड़ी के विक्रम काले और बीजेपी के प्रा. पाटिल किरण नारायणराव के बीच हुआ। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए महाविकास आघाड़ी और बीजेपी ने अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाई है। मतगणना 2 फरवरी को होगी। 

    सोमवार की सुबह 8 से शाम 4 बजे तक चुनाव के लिए मतदाताओं ने वोट डाले। मतदान को लेकर औरंगाबाद सहित संभाग के सभी 8 जिलों में मतदाताओं में उत्साह देखा गया। सुबह चुनाव आरंभ होने के बाद कई मतदाता केन्द्रों पर शिक्षक मतदाताओं ने कतारों में खड़े रहकर मतदान किया। औरंगाबाद शहर और जिले के ग्रामीण के कई मतदान केन्द्रों पर यह स्थिति देखी गई। देर शाम तक मिले आंकड़ों के अनुसार औरंगाबाद जिले में करीब 80 प्रतिशत, जालना में 82 प्रतिशत, परभणी जिले में 90 प्रतिशत, हिंगोली जिले में 91 प्रतिशत, नांदेड में 84 प्रतिशत, लातूर में 86 प्रतिशत, उस्मानाबाद में 92 प्रतिशत मतदान हुआ। इस तरह सुबह 8 से शाम 4 बजे तक औरंगाबाद संभाग के 8 जिलों में करीब 86 प्रतिशत मतदान हुआ। 

    सुबह 8 से 2 बजे तक हुआ था 58 प्रतिशत मतदान 

    औरंगाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए सुबह 8 से 2 बजे तक 58.27 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिसमें हिंगोली जिले में सबसे अधिक 65.59 प्रतिशत शिक्षक मतदाताओं ने मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया था। कुल 61 हजार 702 मतदाताओं में से दोपहर 2 बजे तक 35 हजार 955 मतदाताओं ने अपने मताधिकारी का प्रयोग किया था। जिसमें 28 हजार 618 पुरुष और 7 हजार 337 मतदाता शामिल थे। दोपहर तक सबसे कम मतदान लातूर जिले में हुआ था। देर शाम मिले आंकडों के अनुसार सबसे अधिक मतदान उस्मानाबाद जिले में 92 प्रतिशत हुआ। विशेषकर, सबसे कम मतदान औरंगाबाद जिले में हुआ। जिसका आंकड़ा 80 प्रतिशत तक था। विभागीय और जिला प्रशासन मतदान के बाद देर रात तक मत पेटिया जमा करने के काम में जूटा था।