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  • 4 ग्रहण,11 उल्कापात,3 धूमकेतू, सुपरमून व ग्रह दिखेंगे 

चंद्रपुर. वर्ष 2021 ऐसे 5 गजब के नजारे लेकर आ रहा है. जिनके तहत बडी खगोलीय घटना होगी. इसमें 4 ग्रहन, 11 उल्कावर्षाव, 3 धूमकेतु, सूपरमुन, ब्लैक मून आदि ग्रह देखने के अवसर मिल रहे है. भारत से दो छायाकल्प चंद्रग्रहन देखने का मौका मिल रहा है. पृथ्वी के पास से 6 धोकादायक लघुग्रह गुजरने की जानकारी खगोलिय अभ्यासक व स्काय वाच ग्रुप के अध्यक्ष प्रा. सुरेश चोपने ने दी.  वर्ष 2021 में केवल 4 ग्रहण है. जिसमें 2 चंद्र व दो सुर्य ग्रहण है. परंतु यह भारत के कुछ की क्षेत्र से केवल 2 छायाकल्प चंद्रग्रहण देख पायेंगे. 

वर्ष 2021 का ग्रहण

26 मई को खग्रास चंद्रगहण होगा वह पेसीफीक, पूर्व आशिया, जपान, आस्ट्रेलिया व पश्चिम उत्तर अमेरिका से दिखाई देगा. भारत से  गुजरात, राजस्थान व कश्मिर के कुछ क्षेत्र से नही दिखाई देगा परंतु शेष भारत से  छायाकल्प ग्रहण दिखाई देगा. 10 जून को दूसरा कंकणाकार सुर्यग्रहण दिखाई देगा. वह उत्तर धृवीय प्रदेश से पूर्व रशिया, पश्चिम ग्रीनलैंड व कैनडा से दिखाई देगा. यह ग्रहण भारत से नही दिखाई देगा.

तीसरा खंडग्रास चंद्रग्रहण 19 नवम्बर को उत्तर ध्रुवीय देश के उत्तर अमेरिका, मिस्कीको, मध्य अमेरिका व पश्चीम–दक्षिण अमेरिका से दिखाई देगा. यह चंद्रग्रहण पश्चिम महाराष्ट्र व पश्चीम भारत से नही दिखाई देगा. विदर्भ समेत पूर्व भारत से छायाकल्प ग्रहण दिखाई देगा. चौथा खग्रास सुर्यग्रहण 4 दिसम्बर को दक्षिण आफ्रीका व अंटार्क्टिका क्षेत्र से दिखाई देगा परंतु भारत में दिखाई नही देगा. 

उल्कावर्षाव 

2 व 3 जनवरी को क्वाड्राटीडस उल्कावर्षाव होगा. 22 व 23 अप्रैल को  लायरीड उल्कावर्षाव, 5 व 7 मई को इटा-एक्वारीस उल्कावर्षाव, 28 व 29 जुलाई को डेल्टा-अक्वारिस उल्कावर्षाव, 12 व 13 अगस्त को पर्सीड उल्कावर्षाव, 7 व 8 अक्टूबर को ड्रोकोनिड उल्कावर्षाव, 21 व 22 अक्टूबर को ओरीओनिड उल्कावर्षाव, 4 व 5 नवम्बर को टौरिड उल्कावर्षाव, 12 नवम्बर को नॉर्थ टारिड उल्कावर्षाव, 17 व 18 नवम्बर को लिओनिड उल्कावर्षाव, 13 व 14 दिसम्बर को जेमिनिड उल्कावर्षाव व 21 व 22 दिसम्बर को उर्सिड उल्कावर्षाव होनेवाला है. 

पृथ्वी के पास आएंगे 18 धुमकेतू   

वर्ष 2021 में 18 धुमकेतू पृथ्वी के पास आएंगे. उनमें से कई दूर्बिन तो कुछ धूमकेतु स्वयं के आखों से दिखाई देंगे. 27 मई को धुमकेतू 15 जून तक पृथ्वी के 0.44 एयु दूरी तक आयेंगे. यह स्वयं की आखों से दिखाई देगा. 27 सितम्बर को धुमकेतू पृथ्वी के पास होगा. 9 नवम्बर को तीसरा धुमकेतू पृथ्वी के पास आयेगा. 

पृथ्वी के पास से गुजरनेवाले धोकादायक लघुग्रह

वर्ष 2016 डीवी 1 यह 200 फिट आकार का लघूग्रह पृथ्वी के लिए   धोकादायक होगा. वह 2 मार्च 2021 को चंद्र व पृथ्वी के बीच करिबन 1,50,000 से 10 लाख किमी दूरी से गुजरेगा. यह लघुग्रह 28 फरवरी 2016 को 3 लाख किमी दुरी से गुजरा था. जिससे वह इस वर्ष नजदिक से गुजरने की संभागवना है. 

अपोलो लघुग्रह 28 फरवरी 2016 को 3 लाख किमी की दूरी से गुजरा था. इस वर्ष यह ओर नजदिक से गुजरने की संभावना होने से धोकादायक श्रेणी में है. अपोलो लघुग्रह 2001 यह 21 मार्च को 0.013 दूरी से गूजरेगा . 25 मई को अपोलो 2012 युव्ही 136 लघूग्रह 0.010 एयु दूरी से गूजरेगा. 1 जुन को अटेन 2018 एलबी यह लघुग्रह 0.007 एयू दूरी से गुजरने से यह सबसे धोकादायक श्रेणी में है. 4 जुलाई को अपोलो लघुग्रह 2020 एडी1 0.007 एयू दूरी से गूजरेगा. यह सबसे धोकादायक श्रेणी में है. 13 जुलाई को अपोलो लघुग्रह 2019 एटी6 यह 0.011 एयू दूरी से गुजरेगा. 14 अगस्त अपोलो लघुग्रह 2016 बीक्यू यह 0.011 एक्यू दूरी से गूजरेगा. 

ऐसी होगी ग्रहों की यूती व प्रतियूती 

जनवरी-फरवरी-मार्च में बुध ग्रह दिखाई देगा.  10 से 12 जनवरी बुध-गुरू युती, शनी-बुध युती, शुक्र-गुरू युती दिखाई देगी. 5 मार्च को बुध-गुरू युती, 19 मार्च को मंगल-चंद्र युती, 19 अगस्त केा बुध-मंगल युती, 17 अप्रैल को चंद्र-मंगल युती, 16 मई को मंगल-चंद्र युती, 29 मई को बुध-शुक्र युती, 12 जून को शुक्र-चंद्र युती, 2 अगस्त को शनि की प्रतियुती, इस शनि पृथ्वी के पास होगा. 19 अगस्त को गुरू की प्रतियुती होगी यह पृथ्वी के पास होगा. अक्टूबर में बुध व गुरू पश्चिमे दिशा की ओर दिखाई देगा. 8 नवम्बर चंद्र-शुक्र की युती होगी. 

सुपर मून-ब्लैक मून

11 फरवरी को ब्लैक मुन, 14 अप्रैल, 11मई, 8 जून को मायक्रो मून, 27 अप्रैल को सुपर मुन, 26 मई को सुपर फ्लावर मुन, 24 जून को सुपरमुन व 22 अगस्त को ब्लु मुन दिखाई देगा. खगोल अभ्यास व खगोलीय घटनाए यह विज्ञान की दृष्टी से बहुत महत्वपूर्ण है. उनका निरीक्षण व अभ्यास करने पर देश में वैज्ञानिक व संशोधन निर्माण होगा. तथा वैज्ञानिक दृष्टीकोन निर्माण होकर अंधश्रध्दा कम होने में सहायता होगी. किसी भी प्रकार की अंधश्रध्दा न रखते हुए ग्रह व ग्रहण देखने की अपील की जा रही है.