महिला उपसरपंच ने बाढग़्रस्तों के लिए बनी मददगार, शुध्द पानी समेत आवश्यक सेवा पहुंचाने का विशेष प्रयास

    सिरोंचा. आम तौर देखा जाता है कि, जनता अपने क्षेत्र की समस्या हल करने के लिये जनप्रतिनिधि को चुनते है. लेकिन मुश्किल वक्त में जनप्रतिनिधि केवल लोगों को आश्वासनों की खैरात ही बांटते है. लेकिन सिरोंचा तहसील के आरड़ा गांव की रंगीनी रंगु नामक युवा महिला उपसरपंच ने ग्रामीणों के विश्वास पर खरा विशेष प्रयास कर रही है. गत माह में सिरोंचा तहसील में निर्माण हुई बाढ़ की स्थिति में आरड़ा यह गांव पुरी तरह बाढ़ के चपेट में आ गया था.

    जिससे ग्रामीणों का भारी नुकसान होने के साथ ही ग्रामीणों को स्थानांतरण होने की नौबत आन पड़ी थी. ऐसे में बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद ग्रामीण गांव में वापिस लौटे, मगर बुनियादी सुविधा के तरसना पड़ रहा था. ऐसे में अपने कर्तव्य का पालन करते हुए गांव में शुध्द पिने का पानी और ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ ही गांव में आवश्यक सेवा-सुविधा पहुंचाने के लिये विशेष प्रयास कर रही है. जिससे युवा महिला उपरपंच के कार्य की क्षेत्र में सराहना की जा रही है. 

    केंद्रीय टिम व जिलाधिश को सौंपा ज्ञापन 

    सिरोंचा तहसील में बाढ़ की स्थिति निर्माण होन के बाद सिरोंचा तहसील में बाढ़ स्थिति का मुआयना करने के लिये केंद्रीय टिम सिरोंचा तहसील में पहुंचीे. टिम के साथ गड़चिरोली के जिलाधिश संजय मीणा भी उपस्थित थे.  इस दौरान उपसरपंच रंगीनी रंगु अपने ग्रापं सदस्यों के साथ केंद्रीय टिम व जिलाधिश मीणा की भेट ली. जहां उपसरपंच ने जिलाधिश को ज्ञापन सौंपकर इस क्षेत्र में हुए नुकसान का सर्वेक्षण कर नुकसानग्रस्त किसान व नागरिकों  को तत्काल सहायता करने की मांग की है. 

    सीएम के स्वीय सहायक से की चर्चा

    हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के स्वीय सहायक मंगेश चिवटे ने सिरोंचा तहसील का 5 दिवसीय दौरा किया था. इस दौरान बाढ़ की स्थिति के बाद निर्माण हुई समस्याओं की ओर चिवटे का ध्यानाकर्षण कराते हुए  स्थानीय लोगोंं की समस्याओं से रूबरू कराया. साथ ही बाढग़्रस्त क्षेत्र के लोगों को बिमारियों का संक्रमण न हो, इसलिये इस क्षेत्र में स्वास्थ्य जांच अभियान चलाने के साथ ही लोगों को पिने का शुध्द पानी और आवश्यक बुनियादी सुविधाए पहुंचाने की मांग की थी.