Traffic started increasing at Mumbai airport, number of flights reached 550

    मुंबई. वैक्सीनेशन (Vaccination) तेजी से बढ़ने और कोविड महामारी का प्रकोप घटने के साथ ही मुंबई एयरपोर्ट (Mumbai Airport) पर एयर ट्रैफिक (Air Traffic) भी तेजी से बढ़ने लगा है। मुंबई एयरपोर्ट पर अब दैनिक उड़ानों की संख्या 550 तक पहुंच गयी है, जो प्री-कोविड के औसत 920-940 उड़ानों की तुलना में 60% है। इसमें करीब 85% हिस्सेदारी घरेलू उड़ानों की हैं और शेष 15% इंटरनेशनल उड़ानें संचालित हो रही है। 

    एयरपोर्ट पर बढ़ते ट्रैफिक कंट्रोल को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) विभाग कुशलतापूर्वक प्रबंधन कर रहा है। मुंबई एटीसी ने कोविड महामारी के दौरान कठिन हालात में भी बड़ी कुशलता के साथ ट्रैफिक प्रबंधन किया और और कोविड संबधित आवश्यक दवाएं और अन्य संबंधित उपकरणों के न केवल देश में बल्कि पूरे विश्व में अपने गंतव्य तक सबसे तेजी से पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।

    85% तक डोमेस्टिक उड़ानों की अनुमति

    एएआई के क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशक जे. टी. राधाकृष्ण ने कहा कि सरकार तेजी से वैक्सीनेशन कर रही है, जिससे देश को कोविड महामारी पर नियंत्रण करने में सफलता मिल रही है। यही कारण है कि एयर ट्रैफिक फिर बढ़ने लगा है। मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह में लॉकडाउन के कारण मुंबई एयरपोर्ट पर दैनिक उड़ानों की संख्या मात्र 8 रह गयी थी, लेकिन फिर धीरे-धीरे संख्या बढ़ने लगी और अब 550 तक पहुंच गयी है, उम्मीद है कि जल्द स्थिति सामान्य होगी और आगामी दिनों में उड़ानों की संख्या बढ़ेगी। सरकार ने 85% तक डोमेस्टिक उड़ानों के संचालन की अनुमति दे दी है। जहां तक इंटरनेशनल उड़ानों की बात है, जैसे-जैसे भारत सरकार की दूसरे देशों की सरकारों से उड़ान मंजूरी की सहमति हो रही है, वैसे-वैसे इंटरनेशनल उड़ानों की संख्या भी बढ़ेगी।

    पूरे देश में पहुंच रही दवाएं और वैक्सीन

    एएआई के महाप्रबंधक (एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट) राजीव मेहता ने कहा कि महामारी के दौरान मुंबई एटीसी के सभी 325 एयर ट्रैफिक कंट्रोल ऑफिसर कोरोना योद्धाओं की तरह दिन-रात जुटे रहे और कठिन हालात में जान की परवाह ना करते हुए सुचारू रूप से एयर ट्रैफिक प्रबंधन किया। प्रधानमंत्री के ‘एयर बबल’ और ‘वंदे भारत’ मिशन के अंतर्गत विदेशों में रहने वाले अनिवासी भारतीयों और विद्यार्थियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी मदद की। साथ ही कोविड संबंधित दवाएं और वैक्सीन को पूरे देश में पहुंचाने का काम भी बखूबी किया जा रहा है। अब बढ़ते ट्रैफिक का मैनेजमेंट भी अच्छे तरीके से किया जा रहा है।   

    सुरक्षित रखना थी एक बड़ी चुनौती

    प्राधिकरण के प. क्षेत्र प्रबंधक (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन) किरण राजहंस का कहना है कि महामारी को देखते हुए, समूहों में काम करने वाले एटीसीओ को खतरनाक संक्रामक रोग से सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती थी, परंतु सरकारी नियमों का पालन करते हुए एटीसीओ की शिफ्टों को फिर से एडजस्ट किया गया और मैनपावर का कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया, जिससे कि महामारी में भी किसी रुकावट के बिना मुंबई एटीसी अब तक बड़े पैमाने पर सुरक्षित बना रहा।