Samruddhi Mahamarg
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नागपुर. नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर अब तक 860 दुर्घटनाओं में अनेक मौते होने का मामला विधान परिषद में अमोल मिटकरी, विक्रम काले सहित अन्य सदस्यों ने उठाया. 14 अक्टूबर को हुई दुर्घटना में 12 भाविकों की मौत और 23 लोगों के गंभीर जख्मी होने के संदर्भ में सदस्यों ने आरोप लगाया कि 17 सीटर कैब में 34 लोगों को चालक ने बिठाया था तो आरटीओ ने जांच के बाद उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की. वाहन की चेसिस नंबर से भी छेड़छाड़ जांच में सामने आई है.

इस पर मंत्री दादा भुसे ने सदन को जानकारी दी कि जांच के लिए विभाग के आयुक्त की नियुक्ति की गई थी और दो मोटर वाहन निरीक्षकों को निलंबित किया गया है. अनिल परब ने कहा कि मामले को ठंडा करने के लिए उन्हें बलि का बकरा बनाया गया जो दुर्घटनास्थल पर नहीं थे. समृद्धि महामार्ग में केवल 12 पेट्रोल पंप हैं और वहां भी वाहनों को पार्किंग करने के लिए जगह नहीं है. इसलिये वाहन सड़क पर खड़े किए जाते हैं और दुर्घटना होती है. अन्य सदस्यों ने भी सवाल किया कि कब तक इस मार्ग पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध की जाएंगी. 

4 महीने में सारी सुविधा

भुसे ने जानकारी दी कि सुरक्षा के विविध उपाययोजना की जा रही है. रोड को दोनों साइड में बैरियर्स लगाने का कार्य 70 फीसदी पूरा हो गया है. अब तक समृद्धि में 60 लाख वाहनों ने यात्रा की है. दुर्भाग्य से 73 बड़े व गंभीर दुर्घटना हुई जिसमें 142 नागरिकों की मौत हो गई. इस रोड पर 10-12 पेट्रोल पंप हैं जो अपर्याप्त हैं. आने वाले 4 महीनों में 16 नये पेट्रोल-डीजल पंप बनाये जाएंगे. इसके अलावा चाय-पानी, रिफ्रेशमेंट की सुविधा उपलब्ध की जाएगी. इस संदर्भ में निविदा भी जारी कर दी गई है.