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    नागपुर. जिला न्यायाधीश आरपी पांडे की कोर्ट ने 17 वर्षीय नाबालिग से छेड़खानी के आरोपी बारसेनगर निवासी कार्तिक उर्फ नागेश्वर विकास बोरकर (24) को दोषी करार दिया. कार्तिक पर पोक्सो एक्ट व आईपीएस की धाराओं में मामला दर्ज था. पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने 234 (2) सीआरपीएसी के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 2,000 रुपये का आर्थिक दंड सुनाया. जुर्माना न भरने पर 3 महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा. इसी प्रकार, धारा 506 के तहत 6 महीने की सश्रम जेल व 500 रुपये के जुर्माने की सजा दी. जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त 7 दिन जेल में रहना होगा.

    क्या था मामला

    कार्तिक पर आरोप था कि 13 जुलाई 2021 से 3 अगस्त 2021 तक उसने पीड़िता का कई बार पीछा किया और अश्लील हरकतें कीं. वह पीड़िता पर जबरन शादी का दबाव बनाता था. ऐसा न करने पर जान से मारने और स्वयं आत्महत्या करने की धमकी दी. पीड़िता ने यह बात अपने घर में बताई तो कार्तिक ने गुस्से में आकर उसके भाई की कार के कांच तोड़ दिए. परेशान होकर पीड़िता ने पांचपावली थाने में मामला दर्ज कराया.

    पुलिस की ओर से महिला एपीआई स्वरांजलि खामकर जांच अधिकारी रहीं और कोर्ट में चार्जशीट पेश की. पुलिस कर्मी राजेन्द्र बोरकर, देवेंद्र बोरकर और निवृत्ति ने कोर्ट का कामकाज देखा. अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील एड. परसोडकर, जबकि बचाव पक्ष की ओर से एड. शेख ने पैरवी की.