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    • 485 आपत्तियां हुईं प्राप्त
    • 09 को घोषित होगी अंतिम वोटर लिस्ट 

    नागपुर. महानगरपालिका के आम चुनावों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार राज्य चुनाव आयोग द्वारा प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई. इसके अनुसार प्रभाग रचना, उस पर आपत्तियां, प्रभाग आरक्षण और आपत्तियां तथा उसके बाद अब मतदाता सूची को अंतिम करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रारूप मतदाता सूची पर 3 जुलाई तक आपत्तियां दर्ज करने का समय मतदाताओं को दिया गया था. अब आपत्ति दर्ज करने का समय खत्म हो चुका है. रविवार तक मतदाता सूची को लेकर कुल 485 आपत्तियां दर्ज की गई थीं. निर्देशों के अनुसार 9 जुलाई तक अंतिम मतदाता सूची की घोषणा करना है. चूंकि ओबीसी आरक्षण को लेकर 12 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई है, अत: सुनवाई के बाद ही अब मनपा चुनाव की घोषणा होने की संभावना सूत्रों ने जताई.

    चुनाव प्रक्रिया का हर पड़ाव पूरा

    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार किसी भी चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले तक पूरी की जाने वाली प्रक्रिया पूरी हो चुकी है जिससे अब केवल वास्तविक चुनाव को लेकर घोषणा होनी बाकी है. यह घोषणा होते ही आचार संहिता लागू हो जाएगी. मनपा द्वारा पूरी की जाने वाली प्रक्रिया का केवल एक हिस्सा बचा हुआ है. 9 जुलाई तक अंतिम मतदाता सूची की घोषणा कर दी जाएगी जिसके बाद राज्य चुनाव आयोग अगली प्रक्रिया की घोषणा करेगा. सूत्रों के अनुसार मतदाता सूची पर प्रत्येक जोन में आपत्तियां स्वीकृत की गई थीं. दर्ज की गईं आपत्तियों की जांच जोनल स्तर पर ही सहायक आयुक्त के माध्यम से की गई. निर्देशों के अनुसार जिन मामलों में सुधार की गुंजाइश थी, उनमें सुधार किया गया. जिन मामलों में आपत्तियां अधिकार क्षेत्र के बाहर की थीं उन्हें निरस्त कर दिया गया है.

    क्या चाहती है नई सरकार?

    -जानकारों के अनुसार पहले ही ओबीसी आरक्षण को लेकर मनपा का चुनाव न्यायिक चुनौतियों में फंसा हुआ है. हालांकि अदालत ने इस संदर्भ में रुख स्पष्ट कर दिया था. 

    -तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा कानून में संशोधन होने के बाद फिर पेंच फंस गया था. किंतु यह पड़ाव भी पार हो गया. राज्यभर की लगभग 16 महानगरपालिकाओं में आम चुनाव का मसला होने के कारण सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार क्या चाहती है? इस पर सभी की नजरें लगी हुई हैं. 

    -यदि नई सरकार की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया तो जल्द ही चुनाव की घोषणा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है. चुनाव आयोग भले ही स्वतंत्र इकाई हो लेकिन उस पर हमेशा ही सरकारों का दवाब होने के आरोप लगते रहे हैं. यही कारण है कि नई सरकार के इशारे पर मनपा चुनाव का भविष्य निर्भर है.