Maharashtra Police Recruitment : 5 people caught copying during police recruitment in Maharashtra, 18,000 people took the exam
प्रतीकात्मक तस्वीर

    नागपुर. देश के विभिन्न राज्यों में चोरी को अंजाम देने वाली टोली के सदस्यों को अंबाझरी पुलिस ने गिरफ्तार किया. सितंबर महीने में आरोपियों ने धरमपेठ के वन प्लास मोबाइल स्टोर में सेंध लगाकर 27.41 लाख रुपये का माल चोर किया था. पकड़े गए आरोपियों में मोतीहारी, पूर्व चंपारण, बिहार निवासी समीर साह उर्फ चेलवा मुस्तफा देवान (34) और सलमान साह उर्फ बैला मुस्तफा देवान (43) का समावेश है.

    विगत 14 सितंबर की रात आरोपियों ने धरमपेठ के काफी हाउस चौक पर स्थित मोबाइल शॉपी का शटर तोड़कर मोबाइल फोन, हेडसेट, पावरबैंक, नकद और डीवीआर सहित लाखों का माल चोरी किया था. अंबाझरी पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर खंगाले. जिससे पता चला कि आरोपी इंदौर से आए थे और वापस इंदौर लौट गए. अंबाझरी के थानेदार अशोक बागुल ने एक टीम इंदौर रवाना की. वहां जांच पड़ताल में पता चला कि आरोपी मोतिहारी के रहने वाले है. 

    बिहार से किया गया गिरफ्तार

    मोतिहारी पहुंचकर स्थानीय पुलिस से संपर्क करने पर पता चला कि दोनों भाई नशीले पदार्थ की तस्करी के मामले में जेल में बंद है. तकनीकी कारणों की वजह से पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई. 22 नवंबर को दोबारा एक दल बिहार गया. कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर दोनों गिरफ्तार कर आरोपियों को शुक्रवार को नागपुर लाया गया. बताया जाता है कि इस टोली ने महाराष्ट्र सहित दिल्ली, छत्तीसगढ़, उत्तरांचल, झारखंड, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में इसी प्रकार की वारदातों को अंजाम दिया है. समीर के खिलाफ 18 और सलमान के खिलाफ 9 मामले दर्ज है. 

    नेपाल सहित पड़ोसी देशों में बेचते हैं माल

    आरोपियों से चोरी किए गए माल के बारे में पूछताछ की जा रही है, लेकिन फिलहाल कुछ ठोस पुलिस के हाथ नहीं लगा है. जानकारी मिली है कि आरोपी सेंध लगाने के बाद सीधे नेपाल और अन्य पड़ोसी देशों में जाकर माल बेच देते हैं. खबर मिली है कि आरोपी यहां से माल चोरी करने के बाद नेपाल भी गए थे. वहां के चोर दलालों के साथ मिलकर मोबाइल बेचे गए. आरोपी इसके पहले भूटान, बांगलादेश और पाकिस्तान में भी माल बेच चुके हैं. इस वजह से चोरी गया माल वापस मिलने की संभावना कम होती है. डीसीपी विनीता साहू और एसीपी तृप्ति सोनवने के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर अशोक बागुल, एपीआई अचल कपूर, पीएसआई साई केंद्रे, कांस्टेबल अंकुश घटी, अमित भुरे, प्रशांत गायधने, सतीश कारेमोरे और नितेश ने कार्रवाई को अंजाम दिया.