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    सटाणा: जिले में बागलाण (Baglan Tehsil) छोड़कर सभी तहसीलों में कम अधिक मात्रा में बारिश (Rain) हो रही है। इसके चलते खरीफ सत्र की रोपाई का कार्य रूक गया है। अब तक 1 प्रतिशत भी रोपाई न होने से सूखे की छाया बढ़ गई है। ऐसे में बांध क्षेत्र (Dam Area) में अभी तक बारिश न होने से अभूतपूर्व जल किल्लत निर्माण होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। बागलाण तहसील में खरीफ सत्र में विभिन्न फसल का क्षेत्र 68 हजार हेक्टेयर है। पिछले जून माह में 70 प्रतिशत खरीफ सत्र की रोपाई हुई थी। इस साल बागलाण तहसील के कुछ ही गांवों में हल्की बारिश हुई है। तो मोसम, करंजाडी, आरम, हरणबारी, केलझर बांध क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है। इसके चलते रोपाई पूर्व मशागत के काम ठप हो गई है। 

    पिछले साल की तुलना में जून माह की बारिश को देखे तो इस बार 40 प्रतिशत भी बारिश नहीं हुई है। इस साल बारिश न होने से अधिक स्तर जगह पर मूंगफली, सोयाबीन, मका, मूंग आदि की रोपाई नहीं हो पाई है। जून माह के पहले सप्ताह में बीज खरीदने के लिए मंडी में भीड़ होती है, लेकिन इस साल बाजार खाली-खाली नजर आ रहा है। 

    किसान चिंता में डूबे

    आगामी 15 दिनों में ऐसी ही स्थिति रही तो मूंगफली, सोयाबीन, मक्का आदि फसल की रोपाई की तो रबी सत्र के बोवाई का नियोजन ठप हो जाएगा। बागलाण तहसील के पश्चिम आदिवासी पट्टे में चावल और नागली फसल की जाती है, परंतु इस साल यहां पर बारिश नहीं हुई है। इसके चलते किसान चिंता में डूब गए है। किसानों ने कर्ज निकालकर चावल और नागली का बीज खरीदी किया है, लेकिन बारिश न होने से आदिवासी किसान आर्थिक संकट में फंस गया है।

    बारिश नहीं होने से सूखे बांध

    बागलाण तहसील के पश्चिम क्षेत्र में हरणबारी, केलझर इन मध्यम प्रकल्प सहित दसाना, पठावा, जाखोड यह लघु प्रकल्प है। यह प्रकल्प जलमय होने के लिए जून माह में बारिश होना आवश्यक है। परंतु अब तक बारिश न होने से यह प्रकल्प पूरी तरह से सूख चुके है। देर से बारिश शुरू होने पर भीषण जल किल्लत का नागरिकों को सामना करना होगा। आज ही मोसम, आरम नदी तट की जलापूर्ति योजना जल के अभाव में बंद होने की चिंता व्यक्त की जा रही है।

    खरीफ सत्र रोपाई का नियोजन किया गया है। 68 हजार हेक्टेयर पर रोपाई होना अपेक्षित है, लेकिन बारिश न होने से किसान रोपाई के लिए जल्दबाजी करें। कृषि विभाग के मार्गदर्शन लेकर ही किसान रोपाई करें।

    -सुधाकर पवार, तहसील कृषि अधिकारी, बागलाण

    कर्ज निकालकर मक्का और सोयाबीन का बीज और खाद खरीदी की है, परंतु आज भी झमाझम बारिश की प्रतीक्षा है। हमारे क्षेत्र में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई है। इसके चलते सभी किसान चिंता में डूब गए है।

    -कामराज सूर्यवंशी, ब्राम्हणपाडे

    ऐसा है रोपाई का नियोजन             

    मक्का       39700 हेक्टेयर
    बाजरी    21310 हेक्टेयर
    प्याज   06240 हेक्टेयर
    सोयाबीन      02200 हेक्टेयर     
    चावल           02013 हेक्टेयर
    मूंगफली   01230 हेक्टेयर