BIS ने जब्त किया नकली हॉलमार्क वाला सोना, पुणे-मुंबई समेत इन जगहों पर छापेमारी

    – शैलेन्द्र सिंह

    पुणे : भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) के अधिकारियों (Officials) ने सोने (Gold) के आभूषणों पर बीआईएस हॉलमार्क (BIS Hallmark) के दुरुपयोग की जांच के लिए महाराष्ट्र राज्य के प्रमुख शहरों में एक विशेष प्रवर्तन (खोज और जब्ती) अभियान चलाया। मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर जैसे मुख्य हब समेत महाराष्ट्र के 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।  मुंबई के झवेरी बाजार में सोने के आभूषणों पर नकली हॉलमार्किंग में लगे दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के तहत छापा मारा गया, जिसमें लगभग 2.75 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए, जिनकी कीमत 1.5 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। 

    ठाणे, पुणे और नागपुर में भी इसी तरह की कार्रवाई के कारण नकली चिन्हित आभूषणों की जब्ती हुई और बीआईएस द्वारा निर्दिष्ट पर्याप्त परीक्षण और गुणवत्ता जांच के बिना सोने के आभूषणों पर नकली हॉलमार्क लगाकर ग्राहकों को ठगने वाली फर्मों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। 

    बड़े हॉलमार्क कारोबारियों पर की गई रेड 

    बीआईएस के इस कार्रवाई में मेसर्स श्री शंकेश्वर एसेयिंग एंड टंच, झवेरी बाजार, मुंबई, मेसर्स जय वैष्णव हॉलमार्किंग सेंटर, झवेरी बाजार, मुंबई, मेसर्स विशाल हॉलमार्किंग सेंटर, जांबली नाका, ठाणे, मेसर्स श्री शंकेश्वर एसेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर, अंधेरी मुंबई, मेसर्स जोगेश्वरी एसेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर, रविवार पेठ, पुणे और मेसर्स रिद्धि सिद्धि हॉलमार्क, इतवारी, नागपुर के प्रांगणों में की। 

    बीआईएस मान्यता प्राप्त हॉलमार्किंग केंद्र द्वारा ही हॉलमार्क किए जा सकते हैं

    उपभोक्ता मामलों के विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी सोने के आभूषणों और सोने की कलाकृतियों की हॉलमार्किंग आदेश, 2020 के अनुसार, सोने के आभूषणों और सोने की कलाकृतियों पर 16 जून 2021 से अनिवार्य रूप से बीआईएस हॉलमार्क होना चाहिए। बीआईएस हॉलमार्क में वर्तमान में बीआईएस लोगो के 3 भाग होते हैं, कैरेट में शुद्धता और सुंदरता और एक 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक “हॉलमार्किंग यूनीक आइडेंटिटी (एचयूआईडी) नंबर होता है जो प्रत्येक वस्तु के लिए अलग होता है। आभूषण केवल बीआईएस के साथ पंजीकृत ज्वैलर्स द्वारा बेचे जा सकते हैं और केवल बीआईएस मान्यता प्राप्त परख और हॉलमार्किंग केंद्र (एएचसी) द्वारा ही हॉलमार्क किए जा सकते हैं।