NCP's movement for the rights of OBC, protests due to lack of correct data

    पुणे. केंद्र सरकार (Central Government) की अनिच्छा और संकीर्ण सोच के कारण ओबीसी समुदाय (OBC Community) का आरक्षण (Reservation)रद्द कर दिया गया है। इसके खिलाफ बाबासाहेब अंबेडकर उद्यान में विरोध प्रदर्शन किया गया। यह भी चेतावनी दी कि यदि केंद्र ने राज्य को डेटा प्रदान नहीं किया, तो जंतर मंतर, संसद भवन और दिल्ली में माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर हिंसक विरोध प्रदर्शन होगा। एनसीपी शहराध्यक्ष प्रशांत जगताप (Prashant Jagtap) ने यह चेतावनी दी है 

    सरकार की उदासीनता 

     केंद्र सरकार के दोहरे मापदंड के कारण ओबीसी समुदाय ने अपना आरक्षण खो दिया है।आज प्रदेश में बीजेपी नेता ओबीसी आरक्षण को रद्द करने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराकर अपनी पार्टी की गलती को छिपाने की कोशिश कर रहे है। जहां केंद्र सरकार को ओबीसी समुदाय के आरक्षण को पूर्ववत करने के लिए राज्य सरकार को डेटा प्रदान करने की आवश्यकता है, वहीं केंद्र की मोदी सरकार राज्य की मांग को स्वीकार नहीं करती है। इसके उलट प्रदेश में बीजेपी नेता भी केंद्र की खिंचाई करते नजर आ रहे है। भाजपा एक तरफ ओबीसी का आरक्षण रद्द करने का खेल खेल रही है तो दूसरी तरफ ओबीसी के प्रति सहानुभूति दिखाने का। लेकिन, राज्य की जनता ने इस खेल को पहचान लिया है।ओबीसी समुदाय के आरक्षण को बनाए रखने के लिए एनसीपी की स्पष्ट भूमिका है। इसलिए जब तक ओबीसी समुदाय का आरक्षण बहाल नहीं हो जाता, तब तक एनसीपी आराम नहीं करेगी। 

    एनसीपी के पुणे शहर के अध्यक्ष प्रशांत जगताप और ओबीसी सेल के पुणे अध्यक्ष संतोष नागरे ने केंद्र सरकार और बीजेपी की भूमिका के खिलाफ मंगलवार को धरना दिया।  इस समय उन्होंने प्रार्थना की है कि सत्संग के रूप में कीर्तन करने से केंद्र सरकार को सद्बुद्धि मिले। इसने यह भी चेतावनी दी कि यदि केंद्र ने राज्य को सही डेटा प्रदान नहीं किया, तो जंतर मंतर, संसद भवन और दिल्ली में माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर हिंसक विरोध प्रदर्शन होगा।