रूपी बैंक को मिला विलय या पुनर्गठन का विकल्प

    पिंपरी : अदालत (Court) ने आर्थिक संकटों से घिरे रूपी को. ऑपरेटिव बैंक लि. (Rupee Cooperative Bank) के म्हैसाला बैंक में विलय (Merger) या पुनर्जीवित (Reorganization) करने का विकल्प दिया है। इसे रिजर्व बैंक (RBI) ने मंजूरी दे दी है और 30 दिसंबर, 2021 तक मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा अंतिम निर्णय का निर्देश दिया गया है। इसके लिए पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) में भाजपा (BJP) के नगरसेवक संदीप वाघेरे (Corporator Sandeep Waghre) द्वारा लगातार किया जा रहा प्रयास सफल रहा है।

     अब रूपी बैंक की वित्तीय स्थिति अच्छी है। बैंक को चालू किया जा सकता है। अदालत में इसके सबूत भी दिए गए। रूपी बैंक ने भी पत्र देकर कहा कि वह बैंक चला सकता है। आरबीआई ने अन्य बैंकों को चालू करने में काफी मदद की है। रूपी बैंक ने भी आरबीआई से उसे भी मदद करने की गुहार लगाई। बैंक ने कहा कि हम बैंक को चालू करने में मदद करने के लिए तैयार हैं। चाहें तो कुछ दिनों के लिए हमारे जमा डिपॉजिट के पैसे रखें, लेकिन बैंक शुरू किया जाना चाहिए, ऐसा पक्ष बैंक की ओर से एड. अनंत रणदिवे ने प्रस्तुत किया।

     30 दिसंबर तक फैसला ले

    इस पर हुई सुनवाई में अदालत ने आरबीआई से पूछा कि क्या वह इस पर विचार करेगा? आरबीआई ने इसके लिए हां, कह दिया है। म्हैसाला बैंक ने रूपी बैंक को अधिग्रहण की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि आरबीआई को प्रस्ताव पर 30 दिसंबर तक फैसला लेना चाहिए। इससे रूपी बैंक के पुनः शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। इससे सैकड़ों जमाकर्ताओं को राहत मिली है। पिंपरी चिंचवड़ के कई मेहनतकश नागरिकों का पैसा रुपी सहकारी बैंक में फंस गया है।  पिछले आठ साल से रुपया बैंक मर्जर के दौर में फंसा हुआ है। 

    सैकड़ों जमाकर्ताओं को राहत मिलेगी

    नतीजतन, बैंक के कई जमाकर्ताओं को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।  अब जबकि बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है, बैंक को पुनर्जीवित किया जा सकता है। बैंक को चालू करने के लिए हमारी जमा राशि को कुछ दिनों के लिए रखा जाना चाहिए। हमने मांग की कि बैंक शुरू किया जाए। इसलिए अब अंतिम फैसला 30 दिसंबर तक होगा। रूपी बैंक चालू या विलय हो जाएगा। बैंक खुले या विलय हो, इससे सैकड़ों जमाकर्ताओं को राहत मिलेगी। खाताधारकों, जमाकर्ताओं के पास पैसा पाने का रास्ता होगा। नगरसेवक संदीप वाघेरे ने अपने अब तक किए गए फालोअप की सफलता पर संतोष व्यक्त किया है।