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    आसेगांव. बारिश का मौसम प्रथम माह में ही किसानों के लिए निराशा लेकर आया है. बीते 12 दिनों से समाधानकारक बरसात न होने के कारण किसानों के दिलो की धड़कनें बढ़ने लगी है. जबकि 50 प्रश किसानों ने बिजवाई खरीददारी के लिए भी अपने हाथ पीछे कर लिए है. इतना ही नहीं ग्रीष्मकाल में जिस तरह की स्थिति जल किल्लत को लेकर रहती है. ठीक उसी के अनुरूप अब तक स्थिति बारिश न होने के कारणवश बनी हुई है. सूखे इलाको में तो और भी भयावाह परिस्थिति निर्माण हो गई है. इस के अलावा भीषण गर्मी से भी लोग बेहाल होकर जल्द से जल्द अच्छी बारिश हो इस कि कामना करने लगे है. 

    बीते वर्ष बारिश मौसम प्रारंभ होते ही मूसलाधार बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लाने में अहम भूमिका निभाई थी. इतना ही नहीं गत वर्ष 15 जून तक ग्रामीण इलाकों में बड़ा तादाद में किसानों ने खरीफ बुआई का कार्य भी किया था. किंतु इस वर्ष अब तक किसानों को प्राकृतिक तरीके से बरसने वाले पानी के लिए वेट करने की नौबत है. इस मौसम की बरसात को ध्यान में रखते हुए सैंकड़ों किसानों ने बिजवाई खरीददारी के लिए मुंह मोड़ने का कार्य किया है. 

    जल्द अच्छी बारिश हो यही कामना 

    बारिश का मौसम आरंभ होने को 12 दिनों से अधिक दिन बीतने को है. अब तक अच्छी व समाधानकारक बरसात न होने के कारण सभी किसानों में निराशा है. जल्द से जल्द अच्छी बरसात हो ऐसी कामना हर किसान करने लगा है. 

    उमड़ते बदरा न बरसे नैना तरसे 

    बीते अनेक दिनों से हर किसान हर सामान्य जन आसमान में घूमती हुई काली बदरा को देख कर अच्छी बारिश आज होंगी इस तरह की आस लगाए रहते है. लेकिन आसमान में उमड़ते बदरा घुम कर सभी के नैना को तरसाने का कार्य कर रहे है.