रामपुर में जिप.शाला की छत उडा, दीवारें हुई कमजोर

    • जानलेवा शाला ईमारत में नही भेजेंगे अभिभावक बच्चों को
    • गांववासीयों का सवाल कब बनाएंगे नई ईमारत 

    यवतमाल. राज्य सरकार ने विदर्भ में आगामी 29 जुन से सभी शालाएं शुरु करने के आदेश जारी किए है. लेकिन जिले की उमरखेड तहसील में आनेवाले रामपुर तांडा में मौजुद जिप.की सरकारी शाला का छत उड चुका है, और दिवारें कमजोर होने से यह शाला ईमारत बच्चों के लिए जानलेवा साबित होती दिख रही है.

    एैसे में इस शाला में अपने बच्चों को पढाने क्यों भेजें ,एैसा सवाल गांववासी अभिभावकों ने किया है.45 बरसों पुर्व 1976 में जिप.के शिक्षा विभाग ने उमरखेड तहसील के नारली गुट ग्रामपंचायत के तहत आनेवाले रामपुर में इस प्राथमिक शाला की ईमारत का निर्माण किया था, लेकिन यह ईमारत अब जर्जर हो चुकी है.

    बिते साल हवा तुफान के कारण शाला की छत उड गयी, लेकिन शिक्षा विभाग और पंस.ने यहां पर छत डालने की जहमत नही उठायी, साथ ही दिवारें कमजोर हो चुकी है, इसके अलावा शाला में मुलभुत सुविधाएं तक मौजुद नही है. एैसे में इस जानलेवा शाला ईमारत में अपने बच्चों को पढाने के लिए भेजने से अभिभावकों में चिंता व्याप्त हो चुकी है.

    बताया जाता है की रामपुर के नागरिकों ने इस शाला की दुर्दशा हो जाने से ईमारत कभी भी ढहकर गिरने की आशंका जताते हुए शाला की नई ईमारत बनाकर देने की मांग की थी,लेकिन पंस.प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इस शिकायत पर कोई ध्यान नही दिया.एैसे में अब नए शिक्षा सत्र के शुरु होने को कुछ दिन बचे है, लेकिन प्रशासन ने शाला पर कोई बीडीओ, शिक्षाधिकारी से जिप.की इस शाला की दुर्दशा पर ध्यान खिंचकर इस ओर तात्काल कारवाई की मांग की. लेकिन इस ओर नजरअंदाजी बरती गयी है,एैसे में शिक्षाविभाग की उदासिनता पर अब रामपुर गांववासीयों में रोष जताया जा रहा है.

    उल्लेखनिय है की आगामी 29 जुन से शालाएं शुरु हो रही है, जिसके लिए सरकारी निर्देशों पर शिक्षा विभाग ने सभी शालाओं में 2 दिनों पुर्व शिक्षकों को पुरा समय हाजीर रहकर शालाओं की सफाई, और सुंदरता बढाने के निर्देश दिए है, लेकिन रामपुर स्थित जिप. की शाला में केवल 2 शिक्षक है,जिनके दारोमदार पर यहां बच्चों की पढाई होती है.

    जिलापरिषद की इस शाला में शौचाालय और पेयजल सुविधा का अभाव है,तो दुसरी ओर शाला पर छत ही न होने और दिवारें कमजोर हो जाने से यह शाला ईमारत पुरी तरह दुर्दशा का शिकार बन चुकी है, जिससे शाला शुरु होने के पहले यहां कार्यरत शिक्षक इस शाला में क्या सुधार कर पाएंगे,यह सवाल निर्माण हो चुका है.जिससे अब जिप. के सीईओ द्वारा इस मामलें में ठोस कदम उठाकर शाला शुरु करने के पुर्व यहां पर ईमारत का निर्माण और सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग अभिभावकों ने की है.