India marching towards new heights: Governor

    – ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची : झारखंड (Jharkhand) की राजधानी (Capital) में विभिन्न संस्थानों, संगठनों में लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती (Birth Anniversary) मनाई गई। इसी क्रम में सेवा भारती ने इस अवसर पर अपनी वार्षिक पत्रिका सेवा सुरभि पत्रिका का विमोचन किया। पत्रिका का विमोचन झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सेवा भारती संस्था अपने नाम के अनुरूप सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने के प्रति सचेष्ट है।

    यह संस्था सेवा सुरभि पत्रिका का प्रकाशन करती है, जिसमें समाजसेवा, शिक्षा, पर्यावरण, जन-जागृति जैसे कार्यों का वर्णन होता है। आज सेवा सुरभि का एक नया विशेषांक हम सभी के समक्ष हैं जो “स्वतंत्र भारत के 75 साल” पर केंद्रित है। इसमें आजादी के पहले और आजादी के बाद देश के कालखंड का विशेष उल्लेख है जो देश की वर्तमान पीढ़ी, खासकर युवाओं को देश की वर्तमान स्थिति और भावी संभावनाओं पर मनन करने के साथ-साथ आजादी के पहले के गौरवशाली इतिहास की जानकारी देता है। 

    विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर

    राज्यपाल ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है। वर्तमान कालखंड में हम एक सशक्त भारत की तस्वीर बनते देख सकते हैं और विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर हैं। हमारा देश प्रगति की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर होने के साथ विश्व कल्याण और परोपकार के मार्ग को भी अपनाता है। हमारा देश ऋषि-मुनियों का देश रहा है जिन्होंने विश्व को मानव-कल्याण की प्रेरणा दी। 

    लोगों की सेवा करना नितांत आवश्यक है

    रमेश बैस ने कहा कि राष्ट्र के हर व्यक्ति के सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्तीकरण के लिए हम सभी को सामाजिक सहभागिता के तहत कार्य करना होगा। देश की आजादी के अमृत वर्ष में हमें समाज के लोगों के अंदर छिपी प्रतिभा, हुनर और निपुणता को प्रखर करना होगा। इस कार्य में सरकारी संस्थाओं के साथ एन.जी.ओ. और स्वयं सहायता समूहों की अहम भूमिका है। समाजहित में सभी को अग्रणी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए। बहुत से छात्र मेधावी होने के बावजूद आर्थिक समस्या के कारण उचित शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते हैं। गरीबी की समस्या के कारण लड़कियों की शादी नहीं हो पाती है। ऐसे लोगों की सेवा करना नितांत आवश्यक है। महात्मा गांधी का मानना था कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। 

    अधिक से अधिक बेरोजगारों को जोड़ने का कार्य

    कोरोना काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सेवा भारती ने भीषण कोरोना काल में राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को न सिर्फ भोजन सामग्री उपलब्ध करायी, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में कल्पतरू स्वावलंबन योजना से अधिक से अधिक बेरोजगारों को जोड़ने का कार्य भी किया। विभिन्न बस्तियों और ग्रामों में रहने वाले अभावग्रस्त लोगों के बीच संस्कारित शिक्षा का दीप जलाना, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और  स्वरोजगार से जोड़कर उनमें सामाजिक दायित्व की चेतना जाग्रत कर देश का सजग और जागरूक नागरिक के रूप में विकसित करने की दिशा में सेवा भारती द्वारा किया गया कार्य प्रशंसनीय है। ऐसे पुनीत कार्य के लिए मैं संस्था को बधाई देता हूं। 

    इसके पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही शिक्षा नीति का असर आने वाले 25 वर्षों में दिखाई देगा। नई शिक्षा नीति से आने वाली पीढ़ी को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा चलए जा रहे कौशल विकास योजना से भारत समृद्ध होगा क्योंकि कौशल विकास केंद्रों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जोड़ने का कम किया जा रहा है। अन्नपूर्ण ने अमेरिका और यूरोप का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह के देशों में भी कौशल और तकनीक शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है।