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    वाराणसी: वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर वीडियोग्राफी-सर्वे कराये जाने और इसके लिए नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर को बदलने के आग्रह सम्बन्धी मामलों में स्थानीय अदालत आज अपना फैसला सुनायेगी। हिंदू पक्ष के वकील शिवम गौर ने बुधवार को मामले की सुनवाई के बाद संवाददाताओं को बताया कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में ज्ञानवापी परिसर में ‘बैरिकेडिंग के अंदर’ स्थित दो तहखाने खुलवाकर उनकी वीडियोग्राफी कराने और एडवोकेट कमिश्नर को बदलने को लेकर दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। 

    एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्रा ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला गुरूवार 12 बजे तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। उम्मीद है कि अदालत कल वीडियोग्राफी की अगली तिथि निर्धारित करेगी और इस बारे में भी फैसला करेगी कि एडवोकेट कमिश्नर बदला जाए या नहीं। 

    इस बीच, मुस्लिम पक्ष के वकील अभय यादव ने बताया कि मस्जिद का ताला खुलवाकर अंदर की वीडियोग्राफी कराने सम्बन्धी याचिका पर अदालत में करीब सवा दो घंटे तक बहस हुई। इस याचिका पर मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति दर्ज करायी थी। इस पर बहस पूरी हो गयी है। उन्होंने कहा कि अदालत ने फैसला सुनाने का कोई समय निश्चित नहीं किया है। उम्मीद है कि फैसला दोपहर के भोजनावकाश के बाद ही सुनाया जाएगा। 

    गौरतलब है कि विश्व वैदिक सनातन संघ के पदाधिकारी जितेन्द्र सिंह बिसेन के नेतृत्व में राखी सिंह तथा अन्य ने अगस्त 2021 में अदालत में एक वाद दायर कर शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन और अन्य देवी—देवताओं के विग्रहों की सुरक्षा की मांग की थी। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गत 26 अप्रैल को अजय कुमार मिश्रा को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त कर ज्ञानवापी परिसर का वीडियोग्राफी-सर्वे करके 10 मई को अपनी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। (एजेंसी इनपुट के साथ)