Imran khan
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    इस्लामाबाद. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी जाना तय माना जा रहा है। वे निचले सदन में प्रभावी रूप से बहुमत खो चुके हैं। इस सियासी संकट के बीच इमरान ने अपने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मैं भाग्यशाली हूं कि भगवान ने मुझे सब कुछ दिया- प्रसिद्धि, धन, सब कुछ। मुझे आज किसी चीज की ज़रूरत नहीं है, उसने मुझे सब कुछ दिया जिसके लिए मैं बहुत आभारी हूं। पाकिस्तान मुझसे सिर्फ 5 साल बड़ा है, मैं आजादी के बाद पैदा होने वाले देश की पहली पीढ़ी से हूं।”

    इमरान ने कहा, “एक बच्चे के रूप में, मुझे याद है कि पाकिस्तान शीर्ष पर पहुंच रहा है। दक्षिण कोरिया यह जानने के लिए पाकिस्तान आया था कि हम कैसे आगे बढ़े, मलेशियाई राजकुमार मेरे साथ स्कूल में पढ़ते थे। मध्य पूर्व हमारे विश्वविद्यालयों में आया करता था। मैंने यह सब डूबते देखा है, अपने देश का अपमान देखा है।”

    उन्होंने कहा, “जब मैंने 25 साल पहले राजनीति शुरू की थी तब कहा था कि न मैं किसी के सामने झुकूंगा, न अपनी कौम को किसी के सामने झुकने दूंगा। अपनी कौम को किसी की गुलामी नहीं करने दूंगा।”

    जब मुझे हुकूमत मिली तो मैंने कहा कि पाकिस्तान की विदेश नीति पाकिस्तान की होगी। इससे किसी की बेहतरी हो या न हो, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ न हो। इंडिया के खिलाफ सिर्फ तब बात की गई, जब उन्होंने जम्मू-कश्मीर का अनुच्छेद 370 हटा दिया। मैंने उससे पहले भारत से बात करने की पूरी कोशिश की।

    इमरान ने उन्हें पीएम के पद से हटाने के लिए विदेशी ताकत होने का दावा किया है। उन्होंने कहा, “अभी हमें 7 या 8 मार्च को अमेरिका (बाहरी मुल्क से हमें) से मैसेज आता है। ये है तो पीएम के खिलाफ, लेकिन ये पूरी कौम के खिलाफ है। उस मैसेज में लिखा है कि पाकिस्तान में अविश्वास प्रस्ताव आ रहा है, जो विपक्ष रखने वाला है। यानी विपक्ष का पहले से ही विदेशी ताकतों का संपर्क था। वो बताते हैं कि पाकिस्तान से वे क्यों गुस्सा हैं। वे यह भी कहते हैं कि अगर इमरान खान अविश्वास प्रस्ताव हार जाता है तो हम सब भुला देंगे। लेकिन अगर इमरान बच जाता है तो पाकिस्तान को फिर से मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। ये रिकॉर्डेड बात है। ये आधिकारिक दस्तावेज है। ये पाकिस्तान सरकार के राजदूत के नोट्स से है। इसमें कहा गया कि अगर इमरान वजीरे आजम रहता है तो हमारे आपके ताल्लुकात भी खराब हो जाएंगे और आपको मुश्किलों का भी सामना करना पड़ेगा।”

    इमरान ने कहा, “रविवार को वोट (पाकिस्तान नेशनल असेंबली में) डाली जाएगी। इस रविवार को इस मुल्क़ का फैसला होने वाला है कि ये मुल्क़ अब किस तरफ जाएगा। क्या वही गुलाम नीति, भ्रष्ट लोग जिन पर 30 साल से भ्रष्टाचार के आरोप हैं।”

    उन्होंने कहा, “मुझे किसी ने कहा कि आप इस्तीफा दे दीजिए। जो मेरे साथ क्रिकेट खेलते थे उन्होंने देखा है कि मैं आखिरी गेंद तक मुकाबला करता हूं। मैंने हार कभी ज़िंदगी में नहीं मानी। जो भी नतीजा होगा उससे बाद मैं और ज्यादा ताकतवर होकर सामने आऊंगा, जो भी नतीजा हो।”